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खुले में शौच पर रोक से परेशान दिग्विजय सिंह, कहा- नर्मदा यात्रा में कोई मेरी धोती न उठा ले जाए!

आज शुरू करेंगे नर्मदा की परिक्रमा, चलित शौचालय मुहैया नहीं करा रही मध्यप्रदेश सरकार, दिग्विजय ने कहा- स्वच्छ भारत अभियान के तहत कई तुगलकी फरामान जारी किए गए

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खुले में शौच पर रोक से परेशान दिग्विजय सिंह, कहा- नर्मदा यात्रा में कोई मेरी धोती न उठा ले जाए!

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह मध्यप्रदेश सरकार द्वारा उन्हें नर्मदा यात्रा के लिए चलित शौचालय उपलब्ध न कराए जाने से परेशान हैं.

खास बातें

  1. नर्मदा परिक्रमा के तहत 3,300 किलोमीटर की यात्रा करेंगे दिग्विजय
  2. कहा- चलित शौचालय की मांग को प्रशासन ने ठंडे बस्ते में डाल दिया
  3. यात्रा के बहाने मध्यप्रदेश और गुजरात के विधानसभा चुनाव पर नजर
जबलपुर: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह दशहरा पर्व पर नर्मदा नदी की पैदल परिक्रमा शुरू करेंगे. वे छह माह की इस यात्रा के दौरान अपने शौच के स्थान को लेकर परेशान दिखाई हैं. राज्य सरकार ने उनके लिए फिलहाल चलित शौचालय की व्यवस्था नहीं की है और खुले में शौच पर रोक है. दिग्विजय इस यात्रा में सरदार सरोवर बांध के विस्थापितों के मुद्दे उठाना चाहते हैं लेकिन माना जा रहा है कि इसके साथ उनकी नजर मध्यप्रदेश और गुजरात के आगामी विधानसभा चुनाव पर भी है.

सत्तर वर्षीय दिग्विजय ने नर्मदा परिक्रमा की 3,300 किलोमीटर यात्रा के दौरान प्रदेश सरकार से उन्हें चलित शौचालय उपलब्ध कराने का अनुरोध किया किया था, इस पर सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने की खबरों के सवाल पर दिग्विजय ने गुरुवार की शाम यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘स्वच्छ भारत अभियान (एसबीए) के तहत कई तुगलकी फरामान जारी किए गए हैं, जिसमें लुंगी जब्त करने तक के प्रावधान हैं. इसलिए मैं नहीं चाहता कि इस यात्रा के दौरान कोई मेरी या मेरे साथियों की धोती (लुंगी) उठाए.’’

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दिग्विजय सिंह रांची नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे अभियान ‘‘हल्ला बोल, लुंगी खोल’’ के संदर्भ में उक्त बात बोल रहे थे. इस अभियान के तहत वहां गत रविवार सुबह को खुले में शौच जाने पर सजा के तौर पर लुंगी रख ली गई. बाद में खुले में शौच नहीं करने के वादे के साथ लोगों को उनकी लुंगी लौटाई गई.

छह माह तक चलने वाली इस यात्रा के लिए चलित शौचालय की मांग के संबंध में सरकार से पत्राचार किए जाने के संबंध में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र लिखा था. प्रोटोकाल का पालन नहीं करते हुए मुख्य सचिव के अधीनस्थ अधिकारी द्वारा उनके पत्र का जवाब दिया गया जिसमें कहा गया है कि उनकी मांग से संबंधित पत्र को संबंधित विभाग के पास भिजवा दिया गया है. इस तरह से स्वच्छता के मुद्दे पर मेरी मांग को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है.

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दिग्विजय अपने आध्यात्मिक गुरु द्वारका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से आशीर्वाद लेने के बाद दशहरा पर्व पर नरसिंहपुर में नर्मदा नदी के किनारे बरमान घाट से नर्मदा परिक्रमा शुरू करेंगे. मध्यप्रदेश सरकार इस पद यात्रा के दौरान दिग्वजय सिंह को सुरक्षा मुहैया कराएगी. उनके साथ एक पुलिस अधिकारी भी रहेगा.

गौरतलब है कि अगले साल के अंत में मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं. ऐसे में दिग्विजय सिंह की यह यात्रा मध्य प्रदेश के कुल 230 विधानसभा क्षेत्रों में से 110 में से गुजरेगी. इसके अलावा दिग्विजय की नर्मदा परिक्रमा में गुजरात के 20 विधानसभा क्षेत्रों भी भी शामिल होंगे. गुजरात में भी इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. इसलिए लोगों द्वारा दिग्विजय की इस यात्रा को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है.

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दिग्विजय सिंह पूर्व राघौगढ़ राजघराने के वारिस हैं और राघौगढ़ के किले में पिछली तीन शताब्दियों से इस घराने के लोग दशहरा पर्व को भव्य तरीके से मनाते आ रहे हैं. दशहरे के दिन से अपनी नर्मदा परिक्रमा यात्रा शुरू करने के चलते दिग्विजय पहली बार इस किले में आयोजित किए जाने वाली इस समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे.
(इनपुट एजेंसियों से भी)


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