दिलीप घोष बोले- बंगाल में नागरिकता कानून लागू होकर रहेगा, ममता इसे नहीं रोक सकतीं

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाद अब पंजाब और केरल के मुख्यमंत्रियों ने भी अपने-अपने राज्यों में नागरिकता क़ानून लागू न करने का ऐलान किया है.

दिलीप घोष बोले- बंगाल में नागरिकता कानून लागू होकर रहेगा, ममता इसे नहीं रोक सकतीं

दिलीप घोष पश्चिम बंगाल में बीजेपी के अध्यक्ष हैं.

खास बातें

  • नागरिकता संशोधन बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है
  • कई राज्यों में नागरिकता कानून लागू करने का हो रहा विरोध
  • ममता बनर्जी नागरिकता कानून के प्रमुख आलोचकों में से एक हैं
कोलकाता:

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) राज्य में नागरिकता कानून (CAB 2019) लागू न होने देने की बात करते हुए इसका मुखरता से विरोध कर रही हैं, वहीं राज्य में बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष (Dilip Ghosh) ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में नागरिकता (संशोधन) कानून लागू होकर रहेगा. घोष ने कहा कहा कि न तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और न ही उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस इसे रोक पाएगी और पश्चिम बंगाल यह कानून लागू करने वाला पहला राज्य बनेगा. उन्होंने कहा, "इससे पहले उन्होंने अनुच्छेद 370 और नोटबंदी का भी विरोध किया था, लेकिन वे केंद्र सरकार को इसे लागू करने से नहीं रोक पाए. ऐसे ही राज्य में नया नागरिकता कानून लागू होकर रहेगा." 

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाद अब पंजाब और केरल के मुख्यमंत्रियों ने भी अपने-अपने राज्यों में नागरिकता क़ानून लागू न करने का ऐलान किया है. साथ ही महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों ने भी इसे लागू नहीं करने को लेकर संकेत दिए हैं. उधर, गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक राज्यों को CAB के मामले में ना कहने का अधिकार नहीं है.

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सूत्रों ने बताया कि नागरिकता का मुद्दा संघ की सूची में आता है और ये केंद्र के तहत है. केरल के मुख्यमंत्री पी विजनय ने इस क़ानून को देश के धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक ढांचे के ख़िलाफ़ बताया है. उन्होंने कहा कि ऐसे असंवैधानिक क़ानून के लिए उनके राज्य में कोई जगह नहीं है.
(इनपुट भाषा से भी)

 
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