प्रदूषण पर सांसद कितने गंभीर? संसद में चर्चा के दौरान 100 से भी कम थे मौजूद, AAP के इकलौते MP भगवंत मान भी रहे गैरहाजिर

इस मसले पर चर्चा का नोटिस देने वाले कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि प्रदूषण से लड़ने की इच्छाशक्ति नहीं है.

प्रदूषण पर सांसद कितने गंभीर? संसद में चर्चा के दौरान 100 से भी कम थे मौजूद, AAP के इकलौते MP भगवंत मान भी रहे गैरहाजिर

लोकसभा में प्रदूषण पर चर्चा शुरू हुई तो सौ से भी कम सांसद सदन में नज़र आए.

खास बातें

  • संसद में हुई प्रदूषण पर चर्चा
  • चर्चा के दौरान 100 से भी कम सांसद थे मौजूद
  • कांग्रेस के मनीष तिवारी ने उठाया था मुद्दा
नई दिल्ली:

देश भर में प्रदूषण की चर्चा है, लोकसभा में भी हुई, लेकिन इतने अहम मसले को लेकर हमारे सांसद कितने गंभीर हैं, ये पहली चर्चा के दौरान उपस्थिति ने बताया और फिर उनके बीच चली सियासत ने. लोकसभा में प्रदूषण पर चर्चा शुरू हुई तो सौ से भी कम सांसद सदन में नज़र आए. इस मसले पर चर्चा का नोटिस देने वाले कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि प्रदूषण से लड़ने की इच्छाशक्ति नहीं है.

इसके बाद प्रदूषण का मामला आप और बीजेपी के टकराव में बदलता दिखा. भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने सीधे केजरीवाल को प्रदूषण बता दिया. उधर, गौतम गंभीर ने इस मसले को राजनीति से दूर रखने की बात करते हुए कहा कि दिल्ली के प्रदूषण के लिए पराली को दोष देना ठीक नहीं. सदन में चर्चा के दौरान आप (AAP) के इकलौते सांसद भगवंत सिंह मान गैरहाजिर थे. हालांकि, सदन के बाहर राघव चड्ढा ने मोर्चा संभाला था.

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वहीं, लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिड़ला ने मंगलवार को उन अफ़सरों को समन किया जो पिछले हफ़्ते लोकसभा की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में नहीं आए थे. इस बैठक में शहरी विकास मंत्रालय के साथ प्रदूषण के मुद्दे पर चर्चा तय थी. डीडीए, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, म्युनिसिपल कमिश्नर और दिल्ली जल बोर्ड के आला अफ़सरों को स्पीकर ने चेताया भी कि अगर अगली बैठक में भी यही रवैया रहा तो अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी.

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दिल्ली में प्रदूषण के लिहाज से चार हॉट स्पॉट की पहचान की गई है. जहां ट्रैफिक की वजह से लगातार प्रदूषण बढ़ रहा है. अब मॉनिटरिंग कमेटी ने पुलिस और राज्य सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि 45 दिन के भीतर इन चारों जगहों का समाधान खोजा जाए. दिल्ली में आनंद विहार, गांधी नगर, तुगलकाबाद और पीरागढ़ी प्रदूषण के लिहाज से चार हॉट स्पॉट हैं. जहां ट्रैफिक या सड़क की वजह से जाम लगता है और फिर प्रदूषण बढ़ता है. दिल्ली में 13 ऐसी जगहें हैं जहां प्रदूषण का स्तर खतरनाक तरीके से बढ़ा रहता है. लेकिन ट्रैफिक जाम की वजह से बढ़ने वाले प्रदूषण को खत्म करने के लिए 45 दिन के भीतर एक ब्लू प्रिंट तैयार करने को कहा गया है.

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