DMK सांसद ने की NEET खत्‍म करने की मांग, बोले-गरीब और ग्रामीण छात्रों का भविष्‍य छीन रहा यह टेस्‍ट

संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन डीएमके के टीआर बालू, तिरुचि सिवा और कनिमोझी ने मेडिकल की प्रवेश परीक्षा 'नीट' के विरोध में प्रदर्शन किया

DMK सांसद ने की NEET खत्‍म करने की मांग, बोले-गरीब और ग्रामीण छात्रों का भविष्‍य छीन रहा यह टेस्‍ट

तिरुचि सिवा सहित कई डीएमके सांसदों ने NEET के विरोध में प्रदर्शन किया

खास बातें

  • डीएमके सांसदों ने इस परीक्षा के विरोध में किया प्रदर्शन
  • NEET के विरोध में संदेश लिखे मास्‍क पहनकर आए
  • कहा, परीक्षा के भय से तमिलनाडु में 11 छात्र कर चुके खुदकुशी
नई दिल्ली:

Mansoon Session in Parliament: तमिलनाडु की प्रमुख राजनीतिक पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कडगम (DMK) के सांसद तिरुचि सिवा (Tiruchi Siva) ने नेशनल एलिजि‍बिलिटी कम एंटरेंस टेस्‍ट (NEET) पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है. उन्‍होंने सोमवार को कहा कि यह टेस्‍ट उन गरीब और ग्रामीण छात्रों का भविष्‍य छीन रहा है जो प्राइवेट कोचिंग नहीं कर पाने के कारण इसे क्‍वालिफाई नहीं कर पाते. संसद के मॉनसून सत्र के पहले टीआर बालू, तिरुचि सिवा और कनिमोझी ने मेडिकल की प्रवेश परीक्षा नीट के विरोध में प्रदर्शन किया और मांग की कि इस परीक्षा को 'खत्‍म' कर दिया जाए.ये संसद में ऐसे मास्‍क पहनकर आए जिन पर लिखा था, ''Ban NEET, save TN students''

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सिवा ने संवाददाताओं को बताया, आज डीएमके के सांसद ने संसद परिसर में महात्‍मा गांधी की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन करते हुए NEET एक्‍जाम को खत्‍म करने की मांग की. यह टेस्‍ट उन गरीब और ग्रामीण स्‍टूडेंट्स के भविष्‍य के लिहाज से घातक साबित हो रहा है जो स्‍कूल में तो उच्‍च स्‍तर के अंक हासिल करते हैं लेकिन प्राइवेट कोचिंग नहीं मिलने के कारण नीट परीक्षा में उत्‍तीर्ण नहीं हो पाते.'

उन्‍होंने कहा कि तमिलनाडु में इस परीक्षा के डर के कारण 11 स्‍टूडेंट आत्‍महत्‍या कर चुके हैं, इसलिए डीएमके मांग करती है कि इस परीक्षा को खत्‍म किया जाए.' NEET परीक्षा के कारण 12 स्‍टूडेंट्स के खुदकुशी से जुड़े मसले पर डीएमके और सीपीआई-एम ने लोकसभा में स्‍थगन प्रस्‍ताव का नोटिस भी दिया है. सिवा ने भाषा संबंधी नीति (lingual policy) का भी विरोध किया. उन्‍होंने कहा कि हिन्‍दी नहीं बोलने वाले लोगों पर हिंदी और संस्‍कृत थोपी नहीं जानी चाहिए. इन बातों को स्‍वीकार नहीं किया जा सकता.'

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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)