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जम्मू-कश्मीर के डोडा में बादल फटने से 6 लोगों की मौत, मलबे में दबे हैं कई लोग

जम्मू-कश्मीर के डोडा में बीती रात बादल फटने से कई लोगों की मौत की आशंका है. अभी मौत का आंकड़ा साफ नहीं है. शवों को निकालने का काम जारी है.

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जम्मू-कश्मीर के डोडा में बादल फटने से 6 लोगों की मौत, मलबे में दबे हैं कई लोग

जम्मू-कश्मीर के डोडा में बादल फटा

खास बातें

  1. छह लोगों की मौत हो गई है
  2. राहत और बचावकार्य जारी
  3. शवों को निकालने का काम जारी है
श्रीनगर:

बीती रात 2.20 पर जम्मू कश्मीर के डोडा के ठाठरी में बादल फटने से छह लोगों की मौत हुई है, जिनमें तीन महिलाएं और तीन बच्चे हैं. सभी के शव बरामद कर लिए गए हैं. हादसे में कई लोग घायल हुए हैं. कई मकानों और दुकानों को भी भारी नुक़सान पहुंचा है. फ़िलहाल पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव का काम जारी है. किश्तवाड़ में भी बादल फटने के चलते 2 लोग बह गए हैं.

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि देर रात 2 बजकर 20 मिनट पर थाथरी कस्बे में बादल फटने से आकस्मिक बाढ़ आ गई, जिसके चलते कस्बे के निकट जमाई मस्जिद इलाके में बहने वाले ‘नाले’ का जलस्तर बहुत ज्यादा बढ़ गया.डोडा का पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) इफ्तखार अहमद ने कहा कि बादल फटने के बाद नाले में पानी का स्तर और गाद अचानक बढ़ गया. इसमें मुख्य बाजार की ओर इसके रास्ते में आने वाले कई ढांचे बह गए. इससे हुई हानि का तत्काल पता नहीं लगाया जा सकता. अहमद ने कहा, बचाव अभियान अभी चल ही रहा है ऐसे में बीच में हम जान-माल के नुकसान का आकलन नहीं कर सकते. हम मलबे के नीचे दबे लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. अब तक 12 वर्षीय एक बच्चे को बचाया जा सका है. उन्होंने कहा कि कई लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे हैं और लोगों के मरने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.

 

doda
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, जिला प्रशासन ने पुलिस और सेना के साथ मिलकर युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू कर दिया है. थाथरी के तहसीलदार परवेज अहमद ने कहा, हमने एक परिवार के पांच सदस्यों और 12 वर्षीय एक बच्चे को बचाया है. उसे थाथरी के एक अस्पताल में भर्ती करवाया है. परिवार के तीन सदस्यों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है. उन्हें बचाने के लिए हम मलबा हटाने की कोशिश कर रहे हैं. बटोटे-डोडा-किश्तवार राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद कर दिया गया है. इलाके में जल आपूर्ति और बिजली आपूर्ति भी कटी हुई है. 

उत्तराखंड में लगातार बारिश और बादल फटने की वजह से 29 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग लापता हुए थे. अक्सर बारिश के मौसम में राज्य की अलकनंदा नदी भी ख़तरे के निशान से ऊपर बहने लगती है. प्रशासन ने एहतियात के तौर पर लोगों से नदी के किनारों को खाली करने की अपील करता है. 
 

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(इनपुट्स भाषा से भी)



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