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डोकलाम पर भारत और चीन के बीच आज नाथूला में होगी फ्लैग मीटिंग

पिछले हफ्ते भी ब्रिगेडियर स्तर पर नाथूला में ही दोनों देशों की सेनाओं के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला.

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डोकलाम पर भारत और चीन के बीच आज नाथूला में होगी फ्लैग मीटिंग

डोकलाम में भारत-चीन के बीच फ्लैग मीटिंग

खास बातें

  1. पिछले हफ्ते भी ब्रिगेडियर स्तर पर नाथूला में मीटिंग हुई थी
  2. बीते 7 हफ्तों से डोकलाम में दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं
  3. करीब 350 सैनिक डटे हुए हैं. कोई पीछे हटने को तैयार नहीं है
नई दिल्ली:

डोकलाम पर जारी विवाद के बीच भारतीय और चीन की सेना के बीच आज मेजर जनरल स्तर पर नाथूला में फ्लैग लेवल मीटिंग होने जा रही है. पिछले हफ्ते भी ब्रिगेडियर स्तर पर नाथूला में ही दोनों देशों की सेनाओं के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. बीते 7 हफ्तों से डोकलाम में दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं. करीब 350 सैनिक जमे हुए हैं. कोई पीछे हटने को तैयार नहीं है. 

पढ़़ें: डोकलाम : भारतीय सेना 'न लड़ाई, न शांति' की दशा में, लेकिन चीन ने फिर से दी धमकी

इस मीटिंग को लेकर सेना कुछ भी नहीं बोल रही है, हालांकि सेना मीटिंग पर चुप्पी साधे है. अमूमन ऐसे मामलों में सेना अधिक नहीं बोलती और विदेश मंत्रालय पर ही सारी चीजें छोड़ दी जाती हैं. वैसे इस मीटिंग का कुछ सकारात्मक नतीजा निकलेगा, इसकी संभावना न के बराबर है, क्योंकि जब कूटनीतिक स्तर पर मामला सुलझ नहीं रहा है तो सेना के स्तर पर शायद ही कोई ब्रेक थ्रू हो. हां, इतना ज़रूर हो सकता है आपसी विश्वास और बेहतर हो. दोनों देशों की सेनाओं के बीच ऐसी मीटिंग तभी होती है जब कोई विवाद होता है. इसके जरिए आपसी विवाद दूर किए जाते हैं.

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पढ़ें: चीनी सेना के वरिष्‍ठ कर्नल ने भारत से कहा, 'टकराव से बचना है तो डोकलाम से हटो'


इससे पूर्व डोकलाम पर चीन के दावे को भूटान ने खारिज कर दिया था. भूटान के सूत्रों ने न्यूज एंजेसी ANI से कहा था कि भूटान ने कहा है कि डोकलाम चीन का नहीं है. इस मसले को लेकर सुषमा स्वराज भूटान के विदेशमंत्री से मुलाकात करेंगी. चीन ने बुधवार को डोकलाम को अपना हिस्सा बताया था. भूटान ने सड़क निर्माण को समझौते के खिलाफ बताया है. सड़क निर्माण 1988 और 1998 के समझौते के खिलाफ है. डोकलाम पर हमारा रुख साफ है. उधर, डोकलाम पर चीन की मीडिया और चीनी विदेश मंत्रालय की तरफ़ से धमकियों का सिलसिला लगातार जारी है. चीनी विदेश मंत्रालय ने इसे अपनी संप्रभुत्ता पर ख़तरा बताते हुए भारत को इस क्षेत्र से दूर रहने को कहा है.चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय सैनिकों और बुलडोज़र को पीछे हटना ही होगा.चीनी मीडिया ने तो एक कदम आगे बढ़ते हुए सीधे युद्ध की धमकी दे दी है. चाइना डेली के मुताबिक भारत और चीन के बीच संघर्ष का काउंटडाउन शुरू हो गया है.



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