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सोलापुर : किसान ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखा - मेरी अंत्येष्टि तब तक न करना जब तक सीएम ना आएं

सोलापुर के कलेक्टर राजेंद्र भोसले ने आज कहा कि धनाजी जाधव (45) ने कल रात करमाला तहसील के वीत गांव स्थित अपने घर के पास एक पेड़ से लटककर खुद को फांसी लगा ली. 

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सोलापुर : किसान ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखा - मेरी अंत्येष्टि तब तक न करना जब तक सीएम ना आएं

सोलापुर के प्रभारी मंत्री विजय देशमुख ने गुरुवार को गांव का दौरा किया

खास बातें

  1. धनाजी चन्द्रकांत जाधव नाम के किसान ने की आत्महत्या
  2. धनाजी के भाई संतोष जाधव ने बताया कि शव का अंतिम संस्कार नही किया गया
  3. धनाजी ने कर्जमाफी के लिए जारी आंदोलन में हिस्सा भी लिया था
पुणे: महाराष्ट्र में जारी किसान आंदोलन के बीच सोलापुर जिले के एक गांव में एक किसान ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली. उसने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि जब तक मुख्यमंत्री उसके घर नहीं आते और उसकी मांगें पूरी नहीं करते, तब तक उसका अंतिम संस्कार नहीं किया जाना चाहिए. सोलापुर के कलेक्टर राजेंद्र भोसले ने गुरुवार को कहा कि धनाजी जाधव (45) ने कल रात करमाला तहसील के वीत गांव स्थित अपने घर के पास एक पेड़ से लटककर खुद को फांसी लगा ली. 

खास बात है कि धनाजी चन्द्रकांत जाधव नाम के उस किसान की जेब से एक चिट्ठी मिली है जिस पर लिखा है कि जब तक की मुख्यमंत्री देवेंन्द्र फडणवीस नही आते हैं तब तक उनका अंतिम संस्कार न किया जाए. धनाजी के भाई संतोष जाधव ने NDTV को बताया कि अंतिम संस्कार विधि शुरू कर दी गई है. किसान के परिजनों की नाराजगी को देखते हुए सरकार ने 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आश्वासन दिया है. इसके अलावा एक बेटे को नौकरी और दूसरे के पढ़ाई का खर्ज का जिम्मा उठाने की बात कही है.
 
suicide note of farmer
धनाजी चन्द्रकांत जाधव का सुसाइड नोट

45 साल के धनाजी जाधव सोलापुर जिले के करमाला तहसील के रहने वाले धनाजी पर एक लाख रुपया के करीब कर्ज था. कर्जमाफी के लिए जारी आंदोलन में हिस्सा भी लिया था. बुधवार की शाम ईमली के पेड़ से लटकी हुई उनकी लाश मिली और जेब मे एक चिट्ठी थी जिसपर मराठी में हाथ से लिखा है "मैं किसान हूँ. मेरा नाम धनाजी जाधव है. उसने लिखा है कि जब तक मुख्यमंत्री नही आते है  तब मेरे शव को नही जलाएं. धनाजी के शव को जिला अस्पताल में रखा गया है. अस्पताल के बाहर किसान जमा हुए हैं." सोलापुर के प्रभारी मंत्री विजय देशमुख ने आज गांव का दौरा किया.

आत्महत्या करने वाले किसान के परिवार में उसकी पत्नी एवं दो बच्चे हैं. उसके पास खेती योग्य 2.5 एकड़ भूमि थी. इस घटना के बाद किसानों के संगठनों ने सड़क मार्ग बाधित कर दिया और करमाला तहसील में बंद का आह्वान किया. सोलापुर के कलेक्टर ने बताया कि वह गांव के लिए रवाना हो गए हैं. उन्होंने बताया कि पुलिस दलों को भी घटनास्थल पर भेजा गया है ताकि हालात काबू में रखे जा सकें. 

महाराष्ट्र में किसानों के पिछले एक सप्ताह से लगातार जारी विरोध प्रदर्शनों के कारण मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को विपक्षी दलों एवं भाजपा की सहयोगी शिव सेना की आलोचनाओं का शिकार होना पड़ रहा है. किसानों के प्रदर्शन के कारण कृषि उत्पादों की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है. फडणवीस ने हाल में एक बयान देकर 31 अक्तूबर तक ऋण माफ करने का वादा किया था लेकिन यह वादा आंदोलनरत किसानों को शांत नहीं कर पाया. किसानों का आंदोलन जारी है.
(इनपुट भाषा से भी)


 


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