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वित्त मंत्री के बयान पर कुमार विश्वास ने ली चुटकी, बोले- iPhone अपेक्षा के अनुसार बिक नहीं रहा, लगता है नोकिया...

कुमार विश्वास ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, 'आई फ़ोन अपेक्षा के अनुसार नहीं बिक रहा. मंदी कारण नहीं है...लगता है 'नोकिया' के ज्यादा प्रयोग की 'ओला' वृष्टि से 'ऊबर' नहीं पाया. 

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वित्त मंत्री के बयान पर कुमार विश्वास ने ली चुटकी, बोले- iPhone अपेक्षा के अनुसार बिक नहीं रहा, लगता है नोकिया...

निर्मला सीतारमण के बयान पर कुमार विश्वास ने व्यंगात्मक लहजे में चुटकी ली.

खास बातें

  1. वित्त मंत्री सीतारमण के बयान पर कुमार विश्वास की चुटकी
  2. ट्वीट कर कहा, आईफोन की बिक्री अपेक्षा के अनुरूप नहीं है
  3. लेकिन इसके लिए मंदी जिम्मेदार नहीं है
नई दिल्ली :

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा ऑटो सेक्टर में मंदी के पीछे युवाओं की सोच में बदलाव को जिम्मेदार ठहराने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा. एक तरफ ट्वीटर पर लोगों ने वित्तमंत्री को टैग करते हुए "#BoycottMillennials" हैशटैग के साथ तमाम व्यंगात्मक ट्वीट किये. तो दूसरी तरफ, डॉ. कुमार विश्वास (Kumar Vishvas) ने भी इस मामले पर चुटकी ली. कुमार विश्वास ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, 'आई फ़ोन अपेक्षा के अनुसार नहीं बिक रहा. मंदी कारण नहीं है...लगता है 'नोकिया' के ज्यादा प्रयोग की 'ओला' वृष्टि से 'ऊबर' नहीं पाया. 

दरअसल, कुमार विश्वास (Kumar Vishvas) का इशारा वित्त मंत्री सीतारमण के उस बयान की तरफ था जिसमें उन्होंने कहा था कि वाहन क्षेत्र में नरमी के कारणों में युवाओं की सोच में बदलाव भी है. लोग अब खुद का वाहन खरीदकर मासिक किस्त देने के बजाए ओला और उबर जैसी आनलाइन टैक्सी सेवा प्रदाताओं के जरिये वाहनों की बुकिंग को तरजीह दे रहे हैं.  


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ऑटो सेक्टर में मंदी के लिए वित्त मंत्री ने युवाओं को ठहराया जिम्मेदार, तो Twitter पर आया ऐसा रिएक्शन

सीतारमण ने कहा कि दो साल पहले तक वाहन उद्योग के लिये अच्छा समय था. उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, कि निश्चित रूप से उस समय वाहन क्षेत्र के उच्च वृद्धि का दौर था. मंत्री ने कहा कि क्षेत्र कई चीजों से प्रभावित है जिसमें भारत चरण-6 मानकों, पंजीकरण संबंधित बातें तथा सोच में बदलाव शामिल हैं. उन्होंने कहा कि कुछ अध्ययन बताते हैं कि गाड़ियों को लेकर युवाओं की सोच बदली है. वे स्वयं का वाहन खरीदकर मासिक किस्त देने के बजाए ओला, उबर या मेट्रो (ट्रेन) सेवाओं को पसंद कर रहे हैं.



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