Coronavirus से जंग के बीच DRDO चीफ बोले- हमारे साइंटिस्टों ने बनाया वेंटिलेटर, 4 से 8 लोग कर सकते हैं इस्तेमाल

Coronavirus Updates: DRDO के प्रमुख रेड्डी ने कहा कि वेंटिलर के कुछ  पार्ट्स को लेकर दिक्कत आ रही है. बीईएल और एक इंडस्ट्री इसका ज्यादा उत्पादन करने लगेंगे. अगले महीने के अंदर 10,000 वेंटिलेटर (ventilator) बना लेंगे.

Coronavirus से जंग के बीच DRDO चीफ बोले- हमारे साइंटिस्टों ने बनाया वेंटिलेटर, 4 से 8 लोग कर सकते हैं इस्तेमाल

भारतीय वैज्ञानिकों ने चार दिन में बनाया ventilator (फाइल फोटो)

खास बातें

  • डीआरडीओ प्रमुख ने कहा कि अगले दो महीने में 30,000 वेंटिलेटर तैयार होंगे
  • पिछले चार दिनों में वैज्ञानिकों ने बनाया ऐसा वेंटिलेटर
  • चार से आठ लोग कर सकते हैं इस्तेमाल
नई दिल्ली:

कोरोनावायरस (Coronavirus) से निपटने के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने भी तैयारियां तेज कर दी है. डीआरडीओ के चेयरमैन जी. सतीश रेड्डी ने टेलीफोन पर दिए इंटरव्यू में कहा कि हमने 10-15 दिन में 20 हजार सैनेटाइजर की बोतलें बनाई हैं. इसके साथ करीब 35 हजार मास्क भी बनाए गए हैं. आज से उत्पादन शुरू हो गया है. 10 से 20 लाख का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने कहा सबसे अहम कच्चे माल की उपलब्धता है. कच्चा माल उपलब्ध होना जरूरी है. उन्होंने बताया कि एक हफ्ते में वेंटिलेटर (ventilator) की आपूर्ति शूरू हो जाएगी. 

रेड्डी ने कहा कि वेंटिलर के कुछ  पार्ट्स को लेकर दिक्कत आ रही है. बीईएल और अन्य इसका ज्यादा उत्पादन करने लगेंगे. अगले महीने के अंदर 10,000 वेंटिलेटर बना लेंगे. महिंद्रा और अन्य कंपनियों को प्रौद्योगिकी देंगे. उन्होंने बताया कि पिछले 4 दिनों में हमारे साइंटिस्ट ने एक वेंटिलेटर विकसित किया है, जिसे 4 से 8 लोग यूज़ कर सकते हैं. दो महीने में 30 हजार वेंटिलेटर बना लेंगे और इसकी आपूर्ति कर पाएंगे. 

डीआरडीओ प्रमुख ने कहा कि आईआईटी (IIT) हैदराबाद ने भी इस पर कुछ रिसर्च किया है वो अगर सफल हुआ तो 30 हजार से ज्यादा वेंटिलेटर बनाकर दे सकते हैं. ये अनेस्थेटिया वेंटीलेटर है. एक की कीमत करीब 4लाख रुपये आएगी. 

देश में कोरोनावायरस तेजी से पैर फैला रहा है. भारत में अब तक कोरोनावायरस के 873 मामले सामने आए हैं. पिछले 24 घंटों में इस वायरस के 149 नए मामले सामने आए हैं. वहीं, इस वायरस से अब तक 19 लोगों की जान जा चुकी है.  हालांकि, थोड़ी राहत वाली बात यह है कि इस बीमारी से 79 लोग या तो ठीक हो चुके हैं या फिर उनकी स्थिति में सुधार है.

 
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