NDTV Khabar

लोग सड़क पर केले के छिलके या चॉकलेट का रैपर फेंकने से पहले दो बार सोचते भी नहीं : प्रकाश जावडेकर

जावडेकर ने कहा, 'किसी अन्य देश की तुलना में हमारे पास ज्यादा बेहतर पर्यटक स्थल हैं,

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
लोग सड़क पर केले के छिलके या चॉकलेट का रैपर फेंकने से पहले दो बार सोचते भी नहीं : प्रकाश जावडेकर

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. देश की खराब स्वच्छता व्यवस्था के कारण बहुत से पर्यटक भारत नहीं आते.
  2. किसी अन्य देश की तुलना में हमारे पास ज्यादा बेहतर पर्यटक स्थल हैं.
  3. हमारे पर्यटन स्थल साफ नहीं हैं.
नई दिल्ली: केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने मंगलवार को कहा कि भारत में अन्य देशों की तुलना में पर्यटकों को देने के लिए बहुत कुछ है लेकिन देश की खराब स्वच्छता व्यवस्था के कारण बहुत से पर्यटक भारत नहीं आते. जावडेकर ने कहा, 'किसी अन्य देश की तुलना में हमारे पास ज्यादा बेहतर पर्यटक स्थल हैं, लेकिन अकेले पेरिस पूरे भारत के मुकाबले 10 गुना ज्यादा पर्यटकों को आकर्षित करता है. आप जानते हैं ऐसा क्यों हैं? क्योंकि, हमारे पर्यटन स्थल साफ नहीं हैं.'

जावडेकर सुलभ इंटरनेशनल द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे, जिसमें छात्रों को अपने स्कूल को साफ रखने के लिए पुरस्कार दिए गए.

यह भी पढ़ें : मध्यप्रदेश में शिक्षकों को मिली नई जिम्मेदारी, शौचालयों के गड्ढों की खुदाई की निगरानी करेंगे

मंत्री ने कहा कि वे भारतीय जो सिंगापुर की गलियों को गंदा नहीं करेंगे, वही देश में सड़क पर केले के छिलके या चॉकलेट का रैपर फेंकने से पहले दो बार सोचते भी नहीं.

जावडेकर ने सुलभ इंटरनेशनल के बिंदेश्वर पाठक की प्रशंसा की, जिन्होंने 'स्वच्छता की महान क्रांति के लिए एक मामूली कीमत पर सामुदायिक शौचालय सेवा की शुरुआत की.' उन्होंने कहा, 'सुलभ का निर्माण एक ऐतिहासिक कदम है. इसे शुरू किए हुए 50 साल हो चुके हैं.. जब यह अवधारणा पहली बार बनाई गई तो लोग सोचते थे कि कौन इसके लिए भुगतान करेगा. लेकिन, पाठक जी ने इसे साफ रखकर संभव बनाया और इस आदत को दूसरों को भी बताया.'

यह भी पढ़ें : क्या यही है स्वच्छता अभियान? खुले में पेशाब करते दिखे पीएम मोदी के मंत्री, फोटो वायरल

टिप्पणियां
पाठक ने सुलभ शौचालय सेवा 1970 में बिहार से खास तौर से गरीबों के लिए शुरू की थी. इसमें नहाने व कपड़े धोने की भी सुविधा दी जाती है. जावडेकर ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत सरकारी स्कूलों में एक साल के भीतर 4,50,000 शौचालय बनवाए गए हैं. इसके परिणामस्वरूप ज्यादा संख्या में लड़कियां स्कूल आ रही हैं, जो पहले बीच में ही पढ़ाई छोड़ देती थीं. इस कार्यक्रम में 120 छात्रों को सम्मानित किया गया.

VIDEO : विवेकानंद को याद करते हुए PM मोदी बोले-'पहले शौचालय फिर देवालय'
यह कार्य सुलभ स्कूल सैनिटेशन क्लब का हिस्सा है, जिसमें 200 से ज्यादा स्कूलों के 6,500 छात्र सदस्य हैं. इस क्लब का मकसद छात्रों में स्वच्छता की आदत विकसित करना है.(इनपुट आईएएनएस से)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

विधानसभा चुनाव परिणाम (Election Results in Hindi) से जुड़ी ताज़ा ख़बरों (Latest News), लाइव टीवी (LIVE TV) और विस्‍तृत कवरेज के लिए लॉग ऑन करें ndtv.in. आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.


Advertisement