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पूर्वोत्तर में हिली धरती, दिल्ली तक महसूस हुए झटके

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खास बातें

  1. झटकों से पूर्वोत्तर सहित दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, झारखण्ड, बिहार, असम और मिजोरम में भवनों के हिलने से लोगों में दहशत फैल गई।
गंगटोक/नई दिल्ली: देश के पूर्वी एवं उत्तरी इलाकों में रविवार शाम आए 6.8 तीव्रता की भूकम्प से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और करीब 100 लोग घायल हुए। भूकम्प से सिक्किम और पश्चिम बंगाल में क्रमश: पांच और तीन लोगों की मौत जबकि बिहार में दो लोग आपदा का शिकार बने। भूकम्प के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने तुरंत राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की आपात बैठक का निर्देश दिया। प्रधनमंत्री ने सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग से भी बात की। वायु सेना के पांच मालवाहक जहाजों को राहत सामग्रियों एवं बचाव कर्मियों के साथ पश्चिम बंगाल और सिक्किम के लिए रवाना किया। केंद्रीय गृह मंत्रालय से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक एनडीआरएफ कर्मी अपने साथ आपात राहत उपाय के उपकरण भी ले गए हैं। भूकम्प के झटकों से पूर्वी एवं उत्तरी इलाकों सहित दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, झारखण्ड, बिहार, असम और मिजोरम में भवनों के हिलने से लोगों में दहशत फैल गई। कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति बाधित हुई तो कई जगह संचार प्रणाली ठप हो गई। सिक्किम में भूस्खलन से सड़कें बाधित हुई हैं जबकि कई राज्यों में मकानों में दरारें और कुछ स्थानों पर मकानों के ढहने की खबर है। मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक भूकम्प का केंद्र सिक्किम-नेपाल सीमा के पास था।  भूकम्प से सर्वाधिक जान-माल का नुकसान सिक्किम-नेपाल सीमावर्ती इलाके में हुई है। भूकम्प के तीव्र झटके बांग्लादेश और नेपाल में भी महसूस किए गए। नेपाल में आपदा ने पांच लोगों को लील लिया। भारतीय वायुसेना के चार विमान राहत सामग्रियों व बचावकर्मियों के साथ भेजा गया है। सरकार ने वायु सेना के दो विमानों को गाजियाबाद स्थित हिंडन और पालम एवं कोलकाता प्रत्येक से एक विमान बागडोगरा के लिए रवाना किया। सिक्किम के मुख्य सचिव कर्मा ग्यात्सो ने बताया कि आपदा में पांच लोग मारे गए और करीब 60 लोग घायल हुए। उन्होंने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। गंगटोक में अधिकारियों ने बताया कि मारे गए लोगों में एक बच्चा भी शामिल है जबकि गंगटोक से 40 किलोमीटर दूर रांगपो में एक घर के गिर जाने से एक दवा कम्पनी का अधिकारी संदीपन बनर्जी की मौत हो गई। गंगटोक के बाहरी इलाके में भूस्खलन में एक व्यक्ति के वाहन सहित दब जाने से उसकी मौत हो गई। ग्यात्सो ने बताया कि प्रभावित इलाकों में सेना और अर्द्धसैनिक बल बचाव एवं राहत कार्य में जुटे हैं। सूत्रों ने बताया कि भूकम्प से पूर्वी सिक्किम में नाथू-ला दर्रा के समीप सेना के कुछ बंकर क्षतिग्रस्त हो गए जिसकी वजह से कई जवान घयाल हो गए। ज्ञात हो कि नाथू-ला दर्रा भारत-चीन सीमा से जुड़ा है। सूत्रों ने बताया कि भूकम्प के बाद घायल जवानों को वहां से निकालने के लिए हेलीकॉप्टरों की सेवाएं ली गईं। सूत्रों ने बताया कि नीचे मैदान सेना मौजूद है और इस संवेदनशील इलाके में आवश्यक जवान तैनात हैं। सूत्रों ने बताया कि भूकम्प के झटके करीब दो मिनट तक आते रहे जिसकी वजह से बंकर क्षतिग्रस्त हुए। बारिश और भूस्खलन के चलते बचाव कार्य में बाधा पहुंच रही है। पश्चिम बंगाल के उत्तरी इलाकों में भूकम्प के चलते तीन लोगों की मौत हो गई जबकि कम से कम 46 लोग घायल हो गए। उत्तर बंगाल मामलों के मंत्री गौतम देब ने कहा कि सिलीगुड़ी और जलपाइगुड़ी में भूकम्प से एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। पुलिस के मुताबिक तीसरी मौत कलिम्पोंग में हुई। देब ने बताया कि कलिम्पोंग और कुर्सियांग में कई स्थानों पर भूस्खलन हुए हैं जबकि सिलिगुड़ी में एक नर्सिग होम में कई लोग घायल हुए। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में बताया कि भूकम्प के बाद राज्य के उत्तरी हिस्सों में विद्युत आपूर्ति बाधित हुई। सिलिगुड़ी में डॉक्टरों ने बताया कि करीब 22 लोगों को भर्ती किया गया है और 24 अन्य लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। बिहार में इस आपदा से दो लोगों की मौत हुई जबकि कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई।  राज्य के पुलिस महानिदेशक अभयानंद ने बताया कि दरभंगा के बहादुरपुर क्षेत्र में भूकंप के झटके आने के बाद बचाव में घर से बाहर निकलने के दौरान मची भगदड़ में एक की मौत हो गई। मृतक की पहचान मोहम्मद वासिम के रूप में की गई है। जबकि नालंदा जिला के हरनौत क्षेत्र में एक कच्चा मकान की दीवार गिरने से उसमें दब कर एक सात वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि इसके अलावे अभी और कहीं से किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। पटना समेत राज्य के नालंदा, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया, वैशाली, मुजफ्फरपुर, खगड़िया, कटिहार सहित करीब सभी क्षेत्रों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। पटना में भूकंप के झटके के बाद ही सभी लोग भूकंप-भूकंप कहते हुए सड़कों और खुले मैदान में निकल गए। समाचार रिपोर्टों में बताया गया कि भूकम्प से नेपाल में कम से कम पांच लोग मारे गए हैं। इनमें से तीन लोगों की मौत अकेले काठमांडू में हुई है। भूकम्प से पूरे नेपाल में भय और अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। काठमांडू के लैनचौर इलाके में भारतीय दूतावास के समीप स्थित ब्रिटिश दूतावास की दीवार गिरने से वहां एक कार में सवार तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि देशभर में मकानों के गिरनों से दर्जनों लोग घायल हुए और संचार व्यवस्था ठप हो गई।

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