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कैमरे में कैद : मुंबई में बदमाशों ने किया बुजुर्ग दंपति पर हमला

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मुंबई: क्या मुंबई बुजुर्गों के लिए महफूज़ नहीं है? यह सवाल अब उठने लगे हैं। मुंबई और आसपास के इलाकों में इन दिनों अकेले रह रहे बुजुर्गों पर हमला और उनसे लूटपाट की वारदातों में तेजी से इज़ाफा हुआ है। पुलिस उनकी सुरक्षा के कई दावे करती है, लेकिन ज़मीनी हक़ीक़त कुछ और ही है।

मुंबई से सटे नवी मुंबई के वाशी इलाके में स्थित पॉश चित्तौड़गढ़ सोसाइटी में रविवार को चार आरोपियों ने लूटपाट के बाद 70 साल के बुजुर्ग और पेशे से चार्टर्ड एकाउंटेंट रमनलाल सेठ के घर में दाख़िल हुए, उन्हें और उनकी पत्नी को बुरी तरह पीटा बाद में घर में रखे नक़दी और ज़ेवरात लेकर चलते बने। हमले में घायल रमनलाल सेठ ने सोमवार रात अस्पताल में दम तोड़ दिया।

एनडीटीवी को घटना की सीसीटीवी फुटेज मिली है, जिसमें साफ दिख रहा है कि कैसे रात के अंधेरे में चार नकाबपोश आरोपी दबे पांव बिल्डिंग में दाखिल हो रहे हैं। पहला आरोपी इशारे से अपने साथियों को बताता है कि चौकीदार सो रहा है। एक आरोपी के हाथ में तलवार है, बाकी भी हथियारों से लैस हैं। फिर वह बिल्डिंग की सीढ़ियां चढ़ते हैं और बेख़ौफ होकर अपने शिकार के फ्लैट के बाहर पहुंचते हैं। सीसीटीवी देखकर कैमरे की लैंस को घुमाते हैं, दरवाज़ा तोड़कर अंदर दाख़िल होते हैं और फिर लूटपाट कर निकल जाते हैं।

रमनलाल की पत्नी लीना ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा 'जब मैं उठी तो मैंने देखा कि दो लोग घर में टॉर्च लेकर घूम रहे हैं, उन्होंने जैसे ही मुझे देखा मुझपर रॉड से हमला कर दिया। मैं मदद के लिए चीखी फिर थोड़ी के लिए बेसुध हो गई। मेरे पति ने भी उनसे कहा कि उन्हें जो चाहिए ले लें, लेकिन उन्हें कोई नुकसान ना पहुंचाएं। बावजूद इसके हमलावर उन्हें रॉड से पीटते रहे, जैसे ही वह कमरे से बाहर निकले, मैं दूसरे कमरे में पहुंची, दरवाज़ा बंद कर लिया और अपने बेटे को फोन लगाया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। आख़िरकार मैंने अपने पति के साथी को फोन मिलाया वह सुबह 4.30 बजे हमारे घर पहुंचे तब हमने पुलिस को खबर दी और अपने पति को अस्पताल लेकर गए।'

इस वारदात के बाद नवी मुंबई के पुलिस कमिश्नर के एल प्रसाद ने कहा यह हमारे लिए चुनौती है। हमारे सारे आला अधिकारी इस केस पर काम कर रहे हैं। हम जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लेंगे।

मुंबई से सटे नायगांव के उमेला भाटेवाड़ी गांव में 80 साल के एन्टो पॉल सिरोजो और उनकी पत्नी इग्नेश पॉल सिरोजो पर भी नकाबपाश लुटेरों ने ऐसे ही हमला किया। दबे पांव रात घर में घुसे उन्हें बंधक बनाकर मारपीट की, घर में रखा कैश और जेवरात लेकर चलते बने।

इस मामले में पुलिस इंस्पेक्टर नरसिंह भोंसले का कहना है कि पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में कई पुलिसकर्मी और डॉग स्कॉवड आरोपियों की तलाश में जुटे हैं। घटनास्थल से फिंगर प्रिंट और दूसरे सबूत भी जुटाए गए हैं, आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मुंबई और आसपास के इलाकों में बुजुर्गों पर हमले बढ़ रहे हैं, 2013 में बुजुर्गों की हत्या के 6 मामले दर्ज हुए थे, लेकिन 2014 में ये आंकड़ा 14 तक पहुंच गया। नायगांव-वसई-विरार जैसे इलाकों में चड्डी बनियान गैंग से खौफजदा लोग 60-70 की टीम में रात को खुद ही पहरा देने लगे हैं। पुलिस सुरक्षा का दावा कर रही है, लेकिन ये दावे ज़ुबान तक ही सीमित हैं, सड़क पर नहीं दिखते।


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