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'रिश्वत संबंधी टिप्पणी' को लेकर चुनाव आयोग ने मांगा अखिलेश यादव से जवाब

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'रिश्वत संबंधी टिप्पणी' को लेकर चुनाव आयोग ने मांगा अखिलेश यादव से जवाब

अखिलेश यादव को चुनाव आयोग का नोटिस

खास बातें

  1. भदोही में 4 मार्च को अखिलेश ने दी थी टिप्पणी
  2. रिश्वत लेने के लिए उकसाना दंडनीय अपराध है.
  3. मनोहर पर्रिकर भी दे चुके हैं ऐसा बयान
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से नियम तोड़ने के आरोप में चुनाव आयोग ने जवाब मांगा है. अखिलेश यादव को भेजे नोटिस में उस बयान पर सफाई देने के लिए कहा गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पैसे सबसे ले लो, लेकिन वोट साइकिल को करो. अखिलेश को आज शाम तक इस नोटिस का जवाब देना है. इससे पहले रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को गोवा में प्रचार के दौरान यही बात कहने के मामले में चुनाव आयोग ने फटकार लगाई थी.

समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. दरअसल, भदोही में 4 मार्च को अखिलेश ने मतदाताओं से कथित तौर पर कहा था कि धन किसी और से लीजिए लेकिन वोट साइकिल को दीजिए जो उनकी पार्टी का चुनाव चिह्न है.

आयोग ने उन्हें प्रथमदृष्ट्या आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाते हुए कहा कि 7 मार्च तक बताएं कि क्यों नहीं उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. अखिलेश ने कहा था, मैंने सुना है कि मतदाताओं को धन दिया जा रहा है. मेरी आपको सलाह है कि धन रख लीजिए और साइकिल पर वोट डालिए. आयोग ने उन्हें बताया कि मतदाताओं को रिश्वत देना और रिश्वत लेने के लिए उकसाना दंडनीय अपराध है.

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इससे पूर्व सोमवार को जौनपुर की रैली में अखिलेश यादव ने पीएम मोदी पर जमकर हमला किया. उन्होंने कहा कि पीएम ने अब बिजली को भी हिन्दू मुसलमां बना दिया है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी रोड शो कर रहे हैं, अगर उन्होंने बनारस की जनता से किए वादों को पूरा किया होता तो इतने रोड शो की जरूरत नहीं पड़ती.

 


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