NDTV Khabar

चुपके से आ रहा आपातकाल, क्या हमें चुप रहना चाहिए : उद्धव ठाकरे

कहा- बाबरी मस्जिद विध्वंस मामला राष्ट्रपति चुनाव के दौरान फिर से खुला था और अब लोकसभा चुनाव के पहले राम मंदिर का मुद्दा उठाया जा रहा

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
चुपके से आ रहा आपातकाल, क्या हमें चुप रहना चाहिए : उद्धव ठाकरे

उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो).

खास बातें

  1. कहा- पत्रकार आलोचना करते वक्त हिचकें नहीं
  2. अगर आलोचना की मंशा साफ है तो यह कोई मुद्दा नहीं
  3. 25 नवंबर को अयोध्या जाएंगे उद्धव ठाकरे
मुंबई:

शिवसेना ने परोक्ष रूप से सत्तारूढ़ बीजेपी पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि चुपके से आपातकाल आ रहा है.शिवसेना महाराष्ट्र और केंद्र सरकार में भाजपा की सहयोगी है, लेकिन दोनों भगवा दलों के बीच क्षेत्रीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर लगातार तकरार होती रहती है.

शहर में दो कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद ठाकरे ने संवाददाताओं से बात की. एक सवाल पर ठाकरे ने कहा कि पत्रकारों को आलोचना करते वक्त कठोर शब्दों के इस्तेमाल से हिचकना नहीं चाहिए और अगर ऐसी आलोचना की मंशा साफ है तो यह कोई मुद्दा नहीं है.

ठाकरे ने सवाल किया, ‘‘हालांकि, आज चुपके से आपतकाल दस्तक दे रहा है. क्या हमें चुप रहना चाहिए? '' बीजेपी पर निशाना साधते हुए ठाकरे ने कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस मामला राष्ट्रपति चुनाव के दौरान फिर से खुला था और अब लोकसभा चुनाव के पहले राम मंदिर का मुद्दा उठाया जा रहा है.

टिप्पणियां

ठाकरे ने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन वे भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का हवाला दे रहे थे. जुलाई 2017 में राष्ट्रपति पद के चुनाव के पहले उन्हें दावेदारों में अग्रणी माना जाता था. बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले पर उसी साल अप्रैल में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद उनकी दावेदारी पर अटकलें खत्म हो गईं.


ठाकरे ने कहा कि वे 25 नवंबर को अयोध्या जाएंगे लेकिन उन्होंने अभी यह फैसला नहीं किया है कि वे वहां पर रैली करेंगे या नहीं.
(इनपुट भाषा से)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement