वेतन संशोधन की मांग को लेकर सरकारी बैंकों के कर्मचारी आज से दो दिन की हड़ताल पर

सरकारी बैंकों के कर्मचारी आज से दो दिन की हड़ताल पर रहेंगे. इससे सामान्य बैंकिंग कामकाज प्रभावित हो सकता है. वेतन संशोधन को लेकर प्रबंधन के साथ बातचीत में सहमति नहीं बनने के बाद बैंक यूनियनों ने हड़ताल का आह्वान किया है.  

वेतन संशोधन की मांग को लेकर सरकारी बैंकों के कर्मचारी आज से दो दिन की हड़ताल पर

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मियों का वेतन संशोधन नवंबर, 2017 से लंबित है.

नई दिल्ली:

सरकारी बैंकों के कर्मचारी आज से दो दिन की हड़ताल पर रहेंगे. इससे सामान्य बैंकिंग कामकाज प्रभावित हो सकता है. वेतन संशोधन को लेकर प्रबंधन के साथ बातचीत में सहमति नहीं बनने के बाद बैंक यूनियनों ने हड़ताल का आह्वान किया है.  भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआईक) सहित विभिन्न बैंकों ने अपने ग्राहकों को सूचित कर दिया है कि हड़ताल से उनका सामान्य बैंकिंग परिचालन प्रभावित हो सकता है. सरकारी बैंकों की हड़ताल ऐसे समय हो रही है जबकि शुक्रवार से संसद का बजट सत्र शुरू हो रहा है. शनिवार को वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश किया जाना है. यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने हड़ताल का आह्वान किया है. इसमें आल इंडिया बैंक आफिसर्स कनफेडरेशन (एआईबीओसी), आल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन (एआईबीईए) और नेशनल आर्गेनाइजेशन आफ बैंक वर्कर्स (एनओबीडब्ल्यू) सहित नौ बैंक यूनियनें शामिल हैं. एआईबीओसी के अध्यक्ष सुनील कुमार ने कहा कि इससे पहले मुख्य श्रमायुक्त के साथ बैठक बेनतीजा रही थी. 

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मियों का वेतन संशोधन नवंबर, 2017 से लंबित है. एआईबीईए के महासचिव सी एच वेंकटचलम ने कहा कि भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के साथ हमारी मांगों को लेकर आज हुई बैठक विफल रही है. ऐसे में हम शुक्रवार से दो दिन की हड़ताल पर जा रहे हैं. यूएफबीयू ने एक परिपत्र में आरोप लगाया है कि आईबीए वेतन संशोधन की उनकी मांग पर सख्त रवैया अपना रहा है.

एनओबीडब्ल्यू के उपाध्यक्ष अश्विनी राणा ने कहा कि यूएफबीयू की 13 जनवरी को मुंबई में हुई बैठक में हम इस नतीजे पर पहुंचे थे कि हमें अपनी मांगों के समर्थन में अपने आंदोलन को तेज करना होगा.



(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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