कोई लाख चाहेगा तो भी NDA में कोई इधर से उधर नहीं होगा - CM नीतीश कुमार ने लालू यादव से कहा

लालू यादव द्वारा विधायकों को दिये जा रहे प्रलोभन पर नीतीश ने कहा कि सब बात सामने आ रहा है जेल से कैसे फ़ोन हो रहा है जिसको भी फ़ोन कर रहे हैं लोग अपनी तरफ़ से बता रहा है क्या क्या चल रहा है ये सब कोई आचरण हैं

कोई लाख चाहेगा तो भी NDA में कोई इधर से उधर नहीं होगा - CM नीतीश कुमार ने लालू यादव से कहा

पटना:

बिहार में एनडीए के नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने साफ़ साफ़ शब्दों में राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू यादव को कहा हैं कि कोई लाख चाहेगा तो भी बिहार में एनडीए में कोई इधर से उधर नहीं होगा. नीतीश कुमार ने शुक्रवार को बिहार विधान मण्डल का सत्र ख़त्म होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में तेजस्वी यादव के बारे में ख़ासकर उनके आरोपों पर कहा कि हमारा क्या चरित्र है ये लोगों को मालूम नहीं है . इस तरह की बात करना आख़िर कौन एडवाइजर है इस तरह की बात करता है ये बिलकुल समझ से परे हैं .

नीतीश ने तेजस्वी यादव को सुझाव भी दिया कि आगे बढ़ना है तो कम से कम व्यवहार सीखना चाहिए ठीक से इस तरीक़े की बात कहने का कोई मतलब नहीं है इस तरीक़े से किसी के बारे में कुछ कह देना. नीतीश ने कहा कि आप बताइए आप ही लोग जानते हैं सब को पता है उसकी बातों की चर्चा नहीं करनी चाहिए ये बिलकुल मर्यादाहीन है इस तरीक़े की बात नहीं करनी चाहिए और सदन की जो परंपरा है उसके अनुरूप काम करना चाहिए .

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उनसे जब भाजपा विधायक ललन पासवान की निगरानी थाने में लालू यादव के बारे में शिकायत के बारे में पूछा गया तो नीतीश ने कहा कि कुछ लोग इस बारे में अपनी तरफ़ से लिख सकता है और कार्रवाई की बात कर सकता है .हम भी से बात नहीं कर रहे हैं हम कोई सबसे कोई मतलब नहीं है हम यही चाहते हैं

तेजस्वी यादव पर लगे आरोपों के बारे में नीतीश ने कहा कि 2015 में हम लोगों के साथ सरकार बनी उसके बाद केस में नाम आया सामने तो यही कहना है कि आप एक्सप्लेन कर दीजिए, एक्सप्लेन तो करना चाहिए था ना कि अपने ऊपर जो आरोप में उसको साफ़ जवाब दे दीजिए.फिर हम कहां कोई चर्चा करते हैं हम कोई कहने जाते हैं की .

लालू यादव द्वारा विधायकों को दिये जा रहे प्रलोभन पर नीतीश ने कहा कि सब बात सामने आ रहा है जेल से कैसे फ़ोन हो रहा है जिसको भी फ़ोन कर रहे हैं लोग अपनी तरफ़ से बता रहा है क्या क्या चल रहा है ये सब कोई आचरण हैं .फिर उन्होंने कहा कि देखिए यहां पर कोई लाख चाहेगा एनडीए में कोई इधर से उधर नहीं होगा. जिसके पास बहुमत है और बहुमत क्या होता है बहुमत 122 का है एनडीए को 125 से और भी समर्थन है वो अलग बैठो यू सब चीज़ों पर ज़्यादा तूल नहीं देनी चाहिए .

अपनी बात कहनी चाहिए ठीक से काम करना चाहिए उसमें जो भी नियमानुकूल कार्रवाई होनी है कार्रवाई होगी लेकिन इस तरीक़े से फ़ोन करना क्या आपको मंत्री बना दूंगी ये सब कौन सा आचरण हैं. अब ये जनता का निर्णय हैं जनता मालिक है और जो काम करने का मौक़ा मिला हम लोग काम भी करते हैं आगे काम बढ़ाएंगे और काम करना अनावश्यक मैं नहीं समझता हूं कि इस तरीके का व्यवहार करना चाहिए उसे उनको फ़ायदा नहीं नुक़सान होगा यहां तो वोट भी ज्यादा सीट कम आ जाता है कई बार तो वोट ज़्यादा होता सीट कम होता है इसका कोई मतलब नहीं है जो भी हो सरकार बन गई है अब मौक़ा देना चाहिए.

लालू यादव के परिवार में बच्चों के बारे में चुनाव अभियान के दौरान अपने वक्तव्य के बारे में नीतीश कुमार ने सफ़ाई दी कि क्या होगा भाई वो तो हम मज़ाक में की बात है हम प्रजनन दर की बात करते रहे हैं उसी में मज़ाक में हमने कोई बात कह दिया, किसी के बारे में नहीं कहा लोग तो ख़ुद ही अपने बारे में सोचते हैं. मेरे बारे में कितना मन हो बोलने दीजिए लेकिन सदन के अंदर जो मर्यादा है उसका पालन करना चाहिए.

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