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ममता बनर्जी के करीबी पूर्व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार CBI के सामने नहीं हुए पेश, पत्र भेजकर कही यह बात..

सारदा चिटफंड घोटाला (Saradha Chit Fund Scam) मामले में सीबीआई (CBI) ने राजीव कुमार (Rajeev Kumar) को पूछताछ के लिए सुबह 10 बजे बुलाया था, लेकिन वह कुछ निजी वजहों का हवाला देकर नहीं पहुंचे.

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ममता बनर्जी के करीबी पूर्व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार CBI के सामने नहीं हुए पेश, पत्र भेजकर कही यह बात..

सारदा चिटफंड मामले में राजीव कुमार से होनी है पूछताछ. (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. सारदा चिटफंड घोटाले का मामला
  2. 10 बजे राजीव कुमार को बुलाया था CBI ने
  3. कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर हैं राजीव कुमार
नई दिल्ली:

कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार (Rajeev Kumar) सीबीआई (CBI) के समन के बाद भी पेश नहीं हुए. सीबीआई ने राजीव कुमार को पूछताछ के लिए सुबह 10 बजे बुलाया था, लेकिन वह कुछ निजी वजहों का हवाला देकर नहीं पहुंचे. इससे पहले सीबीआई की टीम कल उनके घर पहुंची थी, लेकिन ख़बरों के मुताबिक राजीव कुमार उस वक्त घर पर मौजूद नहीं थे. सारदा चिटफंड घोटाला (Saradha Chit Fund Scam) मामले में सीबीआई उनसे पूछताछ करेगी. 1989 बैच के IPS राजीव कुमार पर आरोप है कि उन्होंने चिटफंड घोटाले से जुड़े सबूत नष्ट किए, जब वो इसकी जांच के लिए बनी कमेटी के प्रमुख थे. बता दें कि राजीव कुमार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के चहेते अधिकारी माने जाते हैं.

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अधिकारियों ने बताया कि राजीव कुमार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को पत्र भेजकर मामले में उसके अधिकारियों के सामने पेश होने के लिए और समय मांगा है. सीआईडी के एक अधिकारी साल्ट लेक सिटी में सीबीआई कार्यालय पहुंचे और एक पत्र सौंपा. इस पत्र में कुमार ने कहा है कि वह तीन दिन की छुट्टी पर हैं, इसलिए नहीं आ पाएंगे. सीबीआई सूत्रों ने कहा कि एजेंसी को पूछताछ से रोकने के लिए कुमार कोई कानूनी कदम नहीं उठा पाएं, इसके लिए अधिकारी बारासात अदालत में मौजूद थे.

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बता दें कि सीबीआई ने रविवार को आईपीएस अधिकारी को सोमवार को एजेंसी के साल्ट लेक कार्यालय में समन किया था. सारदा मामले की जांच के सिलसिले में आवास पर कुमार से मुलाकात नहीं होने के बाद यह कदम उठाया गया था. बता दें कि सूत्रों के हवाले से खबर थी कि राजीव कुमार की गिरफ्तारी भी हो सकती है.

जांच एजेंसी 2500 करोड़ रुपये के सारदा पोंजी घोटाले में 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी कुमार से हिरासत में पूछताछ करना चाहती है. वह इस मामले की जांच सीबीआई के संभालने से पहले पश्चिम बंगाल पुलिस के विशेष जांच दल की अगुवाई कर रहे थे. सीबीआई ने उच्चतम न्यायालय से कहा था कि कुमार से हिरासत में पूछताछ जरूरी है, क्योंकि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे और वह एजेंसी द्वारा पूछे गए सवालों पर टालमटोल तथा अड़ियल रवैया अपना रहे हैं.

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सीबीआई की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि कुमार एसआईटी की जांच के प्रभारी थे और उन्होंने आरोपियों से जब्त मोबाइल फोन तथा लैपटॉप को जब्ती से मुक्त करने की अनुमति दी थी जिनमें घोटाले में राजनीतिक पदाधिकारियों की कथित संलिप्तता का महत्वपूर्ण रिकॉर्ड था. 

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VIDEO: ममता बनर्जी के करीबी पूर्व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को CBI का समन



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