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महिलाओं का शोषण : रहस्यों से घिरा जेल की तरह बना आध्यात्मिक विश्वविद्यालय

आध्यात्मिक विश्वविद्यालय नाम का आश्रम इस तरह से बनाया गया ताकि यहां रहने वाले लोगों का संपर्क किसी भी तरह बाहरी लोगों से न होने पाए, हमेशा बंद रहती हैं खिड़कियां

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महिलाओं का शोषण : रहस्यों से घिरा जेल की तरह बना आध्यात्मिक विश्वविद्यालय

दिल्ली के रोहिणी के आध्यात्मिक विश्वविद्यालय की गुरुवार को जांच की गई.

खास बातें

  1. विश्वविद्यालय में आने वाले का बाहर निकलना होता था मुश्किल
  2. जांच दल को दर्जनों मोबाइल, सिम कार्ड और मेमोरी कार्ड मिले
  3. कोर्ट में रोजी नाम की लड़की को पेश किया गया, दो साल से परिवार से नहीं मिली
नई दिल्ली: उत्तरी दिल्ली के रोहिणी विजय विहार में चल रहे आध्यात्मिक विश्वविद्यालय नाम के आश्रम में महिलाओं के शोषण का मामला सामने आया है. दर्जन भर लड़कियों की शिकायत पर हाईकोर्ट के निर्देश के बाद जब पुलिस और महिला आयोग की टीम ने छापा मारा तो यह देखकर हैरान रह गई कि कैसे आश्रम में महिलाओं को कैद करके रखा जाता था. आश्रम का संचालक वीरेंद्र दीक्षित फरार है.

हालांकि इस आश्रम का नाम आध्यात्मिक विश्वविद्यालय रखा गया है, लेकिन असल में इसकी बनावट जेल की तरह है.
आश्रम इस तरह से बनाया गया है ताकि यहां रहने वाले लोगों का संपर्क किसी भी तरह बाहरी लोगों से न होने पाए. खिड़कियां हैं लेकिन हमेशा बंद रहती हैं. आश्रम में रहने वाले लोगों के लिए खाना बनाने से लेकर कपड़े सिलाई करने वाले कारीगरों के लिए इस आश्रम के ठीक पीछे एक बिल्डिंग बनाई गई है. यह इमारत भी पूरी तरह से रहस्य की परतों में लिपटी है.

यह भी पढ़ें : रेप के आरोपी बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रम में पुलिस रेड, महिलाओं के साथ होता था बुरा बर्ताव

आश्रम का संचालक वीरेंद्र दीक्षित फिलहाल फरार है. वह मूल रूप से गुजरात का रहने वाला है. उसने इस तरह के दर्जन भर आश्रम बांदा, फरुखाबाद और गुजरात में बनवा रखे हैं. अखबारों की पुरानी कतरनें देखने पर पता चलता है कि आश्रम में अवैध गतिविधियों के चलते वह पहले भी सुर्खियों में रहा है.
 
rohini ashram

हाईकोर्ट के आदेश के बाद गुरुवार को दिल्ली पुलिस और एसआईटी की टीम आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के इस आश्रम में पहुंची. तमाम मान मनौव्वल के बाद आखिरकार आश्रम का गेट खुला. करीब चार घंटे तक दिल्ली महिला आयोग की चेयरमेन स्वाति मालीवाल समेत पुलिस अधिकारियों ने आश्रम के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली. इस दौरान डॉक्टरों की टीम भी मौजूद रही. बाद में कुछ आश्रम की महिलाओं को चेकअप के लिए बाहर भी भेजा गया.

लोग बताते हैं कि एक बार अगर कोई इस आश्रम में आ जाता तो वह मुश्किल से ही बाहर निकल पाता था. स्थानीय निवासी संजीव भाटिया ने बताया कि ''कई लोग यहां आते थे जिनकी माता-बहन को यहां रखा गया था. लोग आते और रो धोकर चले जाते थे.'' इस आश्रम में रहने वाली कई महिलाओं ने इसके संचालक वीरेंद्र दीक्षित पर शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है. इसके बाद हाईकोर्ट ने सीबीआई को इस आश्रम की जांच करने का आदेश दिया है.

दिल्ली महिला आयोग की चेयरमेन स्वाति मालीवाल ने कहा कि ''देखिए ये आश्रम नहीं जेल है, जहां महिलाओं से रेप किया जाता था. इसके संचालक को तुरंत जेल भेजना चाहिए.'' आधुनिक सुख सुविधाओं से लैस इस आश्रम का खर्चा कहां से आ रहा है और देश के अलग-अलग इलाकों में ऐसे अवैध आश्रम कैसे बिना प्रशासन की मंजूरी के चल रहे हैं? इस बात की जांच हो रही है.

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आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में यौन शोषण का मामले में कोर्ट द्वारा बनाई गई कमेटी ने कहा ''जब हम दूसरी बिल्डिंग दौरा करने गए तो वहां हमे 30 से 40 मोबाइल फोन मिले. साथ ही 10 ओर 12 मेमोरी कार्ड मिले. कुछ लेटर मिले जिन्हें तुरंत सील करके सीबीआई को इस मामले में तुरंत एक्शन लेने के लिए कहा है.  वहां पर 15 से 20 आदमी मिले. जिन्हें आश्रम सेवादार कहा जा रहा है.  15 से 20 सिम मिले जिन्हें सील कर दिया गया है.''

VIDEO : आश्रम के मुखिया के खिलाफ रेप का केस
 

कोर्ट में रोजी नाम की लड़की को पेश किया गया है. रोजी के परिवार वालों ने आरोप लगाया था कि आश्रम वाले साल 2015 से उससे मिलने नहीं दे रहे हैं. आश्रम की पार्किंग में 15 से 20 गाड़िया खड़ी मिलीं. कोर्ट ने सीबीआई को गंभीरता से मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं. कोर्ट ने कहा कि यह काफी गंभीर मामला है. कोर्ट ने विश्वविद्यालय के बैंक एकाउंट के बारे में पूछा उसके वकील ने कहा है कि विश्वविद्यालय के नाम से कोई एकाउंट नहीं है. इस पर कोर्ट ने हैरानी जताई. कोर्ट ने सीबीआई से हर पहलू की जांच करने के लिए कहा है. कोर्ट ने विश्वविद्यालय के एकाउंट की जांच के लिए कहा है. कोर्ट ने विश्वविद्यालय के वकील को फटकार लगाते हुए कहा कि कोर्ट में सही जानकारी दे.


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