सेना के कमांडर कांफ्रेस में ओलिपिंक में पदक पर नजर

सेना के कमांडर कांफ्रेस में ओलिपिंक में पदक पर नजर

नई दिल्‍ली:

एलओसी पर दुश्मनों से हिफाजत और जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों और नॉर्थ ईस्ट में उग्रवादियों से लोहा लेने वाली सेना की नजर ओलिपिंक खेलों से फिर मेडल लाने की है।

दिल्ली में सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह की अगुवाई में टॉप कमांडरों की बैठक में इस बात की समीक्षा खास तौर से की गई कि सेना के खिलाड़ियों की अगले साल ब्राजील के रियो में होने वाले ओलिपिंक की तैयारी कैसी चल रही है। इसके लिए जनरल दलबीर सिंह ने सेना में गठित की गई 'मिशन ओलिपिंक' की तैयारियों का जायजा लिया।

थल सेना ने मिशन ओलिपिंक 2001 से चलाई है। 2004 में हुये एथेंस ओलिपिंक में सेना के राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के शूटिंग में रजत पदक जीतने के बाद सेना के मिशन ओलिपिंक में पदक जीतने की शुरूआत हुई। सेना अगले साल होने वाले ओलिपिंक के लिए देश के लिए कम से कम तीन पदक जीतने का लक्ष्य रख रही है। वैसे पिछले लंदन ओलिपिंक में भारत को छह पदक मिले थे जिसमें से सेना के दो जवानों को पदक मिले थे।

सेना के जवान तीरदांजी, शूटिंग, मुक्केबाजी, एथलेटिक्स जैसे कई खेलों में शामिल होंगे। सेना के शूटर जीतू राय से सेना को पूरी उम्मीद है कि वो ओलिपिंक में देश के लिए मेडल जरूर जीतकर लाएंगे। जीतू राय ने कॉमनवेल्थ और एशियाड में पदक जीतकर भारत की उम्मीदें काफी बढ़ा दी हैं।

 
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