यह ख़बर 30 जनवरी, 2012 को प्रकाशित हुई थी

पिटाई से अचेत फलक की हालत नाजुक

पिटाई से अचेत फलक की हालत नाजुक

खास बातें

  • चिकित्सकों ने बताया कि बच्ची फलक को श्वसन सम्बंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो गई हैं और बच्ची के मस्तिष्क का एक और ऑपरेशन करना पड़ सकता है।
नई दिल्ली:

पिटाई से लगातार अचेत दो साल की बच्ची फलक की हालत सोमवार को भी नाजुक बनी रही। चिकित्सकों ने बताया कि उसे श्वसन सम्बंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो गई हैं और बच्ची के मस्तिष्क का एक और ऑपरेशन करना पड़ सकता है।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ट्रामा सेंटर के सहायक प्रोफेसर (न्यूरो सर्जन) दीपक अग्रवाल ने आईएएनएस से कहा, "उसकी हालत चिंताजनक है। उसे श्वसन सम्बंधी समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं इसीलिए हमने उसे कल रात 10:30 बजे फिर से जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा है।" इससे पहले शुक्रवार सुबह बच्ची की जीवन रक्षक प्रणाली हटा ली गई थी।

अग्रवाल ने बताया, "उसके मस्तिष्क का एक और ऑपरेशन करना पड़ सकता है लेकिन उसकी हालत चिंताजनक है। उसके जीवित रहने की सम्भावना क्षीण है। उसके मस्तिष्क का पहले ही एक ऑपरेशन हो चुका है। उसे नली के द्वारा भोजन दिया जा रहा है।" घायल बच्ची के शरीर पर किसी इंसान के दांत से काटने के कई निशान तथा अन्य जख्म पाए गए हैं।

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ज्ञात हो कि बुरी तरह घायल दो साल की फलक को 18 जनवरी को इस अस्पताल में लाया गया था। उसका सिर फूटा हुआ था और मस्तिष्क में दाईं ओर खून जम गया था। उसके समूचे शरीर पर इंसान के दांत के काटने के निशान थे। बच्ची की हालत हालांकि नाजुक है लेकिन शुक्रवार बच्ची के शरीर में कुछ हलचल हुई थी।

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18 जनवरी को दोपहर बाद लगभग 2.15 बजे एक किशोरी माही गुप्ता फलक को अचेतावस्था में एम्स लेकर आई थी। उसने खुद को फलक की मां बताया था।  दिल्ली पुलिस बच्ची के माता-पिता का पता लगाने का प्रयास कर रही है। दिल्ली पुलिस ने बच्ची के माता-पिता को तलाशने के लिए विभिन्न राज्यों में विशेष टीमें भेजी हैं। किशोरी को बाल सुधार गृह में भेज दिया गया है।