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अपनी ज़मीन वापस पाने के लिए नहीं थी रिश्वत की रकम, जुटाने को भीख मांग रहा किसान का परिवार

आंध्र प्रदेश में एक किसान परिवार को अपनी ही जमीन वापस पाने के लिए सड़कों पर भीख मांगनी पड़ रही है.

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अपनी ज़मीन वापस पाने के लिए नहीं थी रिश्वत की रकम, जुटाने को भीख मांग रहा किसान का परिवार

आंध्र प्रदेश में किसान भीख मांग रहा

हैदराबाद:

आंध्र प्रदेश में एक किसान परिवार को अपनी ही जमीन वापस पाने के लिए सड़कों पर भीख मांगनी पड़ रही है. दरअसल, आंध्र प्रदेश में एक किसान और उसके परिवार ने रिश्तेदारों से अपनी जमीन वापस लेने के लिए सड़कों पर भीख मांगना शुरू कर दिया है. किसान का दावा है कि वह स्थानीय राजस्व अधिकारी को रिश्वत देने के लिए धन इकट्ठा कर रहा है, जिसने कथित रूप से उसकी जमीन के 'स्वामित्व पत्र' को जारी करने से रोक रखा है. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करने के लिए परिवार ने विरोध के रूप में भीख मांगना ही चुना.

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कुरनूल जिले के किसान मण्यम वेंकटेश्वरुलु उर्फ राजू, उनकी पत्नी और दो बच्चों को हाथों में ओर बैनर और भीख मांगने के लिए कटोरे के साथ देखा गया. यह परिवार लोगों से दान करने का आग्रह कर रहा था, ताकि वह स्थानीय अधिकारी को रिश्वत दे सके.


राजू ने कहा कि 'कृप्या दान करें ताकि मैं रिश्वत दे सकूं. अगर अगर पैसा दे सकते हैं तो आप कोई भी काम करवा सकते हैं. मैंने ऐसा नहीं कर सकता, इसलिए मैंने अपनी जमीन खो दी. पिछले दो सालों में, मैं संघर्ष कर रहा हूं.'

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इस किसान परिवार ने जो हाथों में बैनर ले रखा है, उसमें तमिल में लिखा है कि उनके पास कर अधिकारी को घूस देने के लिए पैसे नहीं हैं. बैनर में लखा है कि परिवार अपनी जमीन वापस लेने के लिए भूख हड़ताल पर है और लोगों से दान करने की गुहार लगा रहा है ताकि वह रिश्वत की रकम अदा कर सके. अंत में सूची और सुजीत नाम लिखा हुआ है. ऐसा माना जा रहा है कि यह किसान राजू के बच्चे हैं. बैनर में यह भी लिखा हुआ है कि परिवार को अपनी सुरक्षा का भी डर है क्योंकि उन्हें लगता है कि उनके प्रदर्शन से अधिकारी नाराज हो जाएंगे. 

राजू ने कहा कि पश्चिम गोदावरी जिले के माधवराम गांव में 25 एकड़ जमीन उसके अपने रिश्तेदारों ने हड़प ली. उन्होंने कहा कि उनके रिश्तेदारों ने कथित तौर पर राजस्व अधिकारी को रिश्वत दे दी थी, जो वहां पहले पोस्टेड था. जब राजू ने रेवेन्यू अधिकारी से पूछा तो अधिकारी ने कहा कि दस्तावेज जिला कलेक्टर के पास तैयार है और वह किसी भी समय रिश्तेदार को सौंप देंगे. इस कथित भ्रष्टाचार से व्यथित (परेशान) किसान ने विरोध का यूनिक तरीका अपनाया. 

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हालांकि, कुरनूल जिला कलेक्टर ने कहा कि राजू के आरोप और दावे बेबूनियाद हैं. हमने विभाग की बदनाम के लिए पुलिस से मामला दर्ज करने को कहा है. अधिकारी ने कहा कि अगर परिवार में भूमि विवाद है तो उसे अदालत का दरवाजा खटखटाना चाहिए.

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