अभी तो पंजाब-हरियाणा के किसान कर रहे आंदोलन, जल्द सड़कों पर उतरेंगे देशभर के कृषक, छत्तीसगढ़ CM ने चेताया

बघेल ने कहा, "इन विधेयकों को पारित करवा कर केंद्र सरकार निजी बाजारों को आगे आने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. सरकार ने बिल में अन्न भंडारण की सीमा को खत्म कर दिया है और कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग की शुरुआत की है."

अभी तो पंजाब-हरियाणा के किसान कर रहे आंदोलन, जल्द सड़कों पर उतरेंगे देशभर के कृषक, छत्तीसगढ़ CM ने चेताया

खास बातें

  • कृषि बिल पर देशभर में किसानों के आंदोलन पर भूपेश बघेल ने चेताया
  • छत्तीसगढ़ सीएम के आरोप- मल्टीनेशनल कंपनियां करेंगी किसानों को शोषण
  • केंद्रीय कृषि मंत्री का दावा- नए कानून से लाइसेंस राज खत्म होगा
रायपुर:

छत्तीसगढ़ (Chhatisgarh) के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने चेतावनी दी है कि किसान बिल (Farmers Bills) के खिलाफ जल्द ही देशभर के किसान सड़कों पर उतरेंगे। बघेल का यह बयान लोकसभा से नए कृषि सुधार विधेयक पारित होने के अगले ही दिन आया है. समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में बघेल ने कहा, "वर्तमान में, पंजाब और हरियाणा में किसान सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. जल्द ही, देश भर के किसान सड़कों पर प्रदर्शन करेंगे."

बघेल ने कहा, "इन विधेयकों को पारित करवा कर केंद्र सरकार निजी बाजारों को आगे आने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. सरकार ने बिल में अन्न भंडारण की सीमा को खत्म कर दिया है और कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग की शुरुआत की है." बघेल ने आरोप लगाया कि कृषि सुधार बिल किसानों के लिए भयानक और दर्दनाक है.

उन्होंने कहा, "कृषि सुधार बिल मल्टीनेशनल कंपनियों को कृषि क्षेत्र में काम करने की न सिर्फ अनुमति देगा बल्कि कंपनियां इसके जरिए क्षेत्र पर नियंत्रण करेंगी." बघेल ने कहा, "वे (केंद्र) किसानों की भलाई के लिए पूर्व नेताओं द्वारा वर्षों पहले उठाए गए सभी कदमों को उलट रहे हैं. किसानों का भविष्य अच्छा नहीं है और देश के पक्ष में नहीं है." बघेल ने इस पर भी चिंता जताई कि नए कानून के बाद राज्य सरकारें बाजार पर से पकड़ खो देंगी. उन्होंने कहा, "इससे किसान की उपज को खराब कीमतों का सामना करना पड़ेगा. यह केवल कुछ लोगों के हाथों तक सीमित रह जाएगा."

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गुरुवार (17 सितम्बर) को लोकसभा ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कृषि विपणन में सुधार से संबंधित दो विधेयक पेश किए जिसे बहस के बाद सदन ने पारित कर दिया. बिल में कहा गया है कि नया कानून खेतीबारी में "लाइसेंस राज" को समाप्त कर देगा और किसान अपनी पसंद के अनुसार अपनी कृषि उपज बेचने के लिए स्वतंत्र होंगे.

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