हरियाणा-राजस्थान बार्डर पर भी किसानों का धरना जारी

धारूहेड़ा में राजस्थान के हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर से आए हैं ज्यादातर किसान, स्थानीय तौर पर ज्यादा मदद नहीं मिल रही

हरियाणा-राजस्थान बार्डर पर भी किसानों का धरना जारी

प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली:

हरियाणा-राजस्थान बार्डर पर भी किसान कृषि कानूनों के खिलाफ धरने पर बैठे हैं. यहां प्रदर्शन करने वाले ज्यादातर किसान राजस्थान के हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर से आए हैं. दिल्ली से करीब 75 किमी दूर धारुहेड़ा के नजदीक राजस्थान के किसान बीजेपी के मजबूत गढ़ में सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे हैं..बीजेपी के रेवाड़ी सांसद राव इंद्रजीत का ये इलाका है. इसी वजह से प्रदर्शनकारी किसानों को यहां स्थानीय तौर पर ज्यादा मदद मिलती नहीं दिख रही है.

धारुहेड़ा बार्डर से करीब तीस किमी दूर शहाजहांपुर बार्डर पर भी किसान धरना दे रहे हैं लेकिन अब स्ट्रेंथ को बढ़ाने के लिए दोनों समूहों की एक ही जगह पर प्रदर्शन करने की योजना है. अब किसानों की रणनीति है कि बीजेपी के गढ़ में 26 जनवरी को धारुहेड़ा और शाहजहांपुर बार्डर के प्रदर्शनकारियों को एक करके बड़ी परेड की जाए.

संतवीर सिंह, प्रवक्ता, किसान मोर्चा ने कहा कि आज चार बजे हमारी बैठक है ताकि जो शाहजहांपुर बार्डर के किसानों को आगे लाया जा सके 26 जनवरी को परेड करें. धारुहेड़ा और शाहजहांपुर बार्डर पर धरना देने वाले ज्यादातर किसान हनुमान गढ़ और श्रीगंगानगर के हैं. 

बीते सवा महीने से रणवीर सिंह भादों धारुहेड़ा बार्डर पर आंदोलन कर रहे हैं. चार साल पहले कांट्रैक्ट फार्मिंग के नाम पर एक कंपनी ने रणवीर सिंह के खेत में एक स्ट्रक्चर खड़ा किया...उनकी दस एकड़ जमीन को लीज पर हासिल किया और बैंक से मिलीभगत करके पांच करोड़ रुपये लोन लेकर भाग गई. अब उनकी जमीन की कुर्की के आदेश तक आ चुके हैं.


रणवीर सिंह भादो ने कहा कि कंपनी ने खेत के अंदर स्ट्रक्चर खड़ा किया उसके नाम पर साढ़े पांच करोड़ रुपए उठा लिए और कंपनी भाग गई ,उसको साल भर का किराया भी नहीं दिया और भाग गई. हमारा परिवार तो इतने आर्थिक संकट में आ गया है बीमारियां आ गई.

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राजस्थान के हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में जौ, कीनू, और सब्जी की कांट्रैक्ट फार्मिंग ज्यादा होती है इसलिए इन किसानों को नए कृषि कानून में कांट्रैक्ट फार्मिंग में एसडीएम विवाद निपटाएगा वाले नियम से खासी नाराजगी है.