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फारुक अब्दुल्ला का मोदी सरकार पर हमला, 'बालाकोट एयर स्ट्राइक से पहले मंदिर, मंदिर कर रहे थे, अब कोई राम का नाम भी नहीं ले रहा'

नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारुक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) सोमवार की देर रात आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे.

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फारुक अब्दुल्ला का मोदी सरकार पर हमला, 'बालाकोट एयर स्ट्राइक से पहले मंदिर, मंदिर कर रहे थे, अब कोई राम का नाम भी नहीं ले रहा'

फारुक अब्दुल्ला ने राम मंदिर और बालाकोट हवाई हमले के संदर्भ में केंद्र सरकार पर हमला बोला...

खास बातें

  1. फारुख अब्दुल्ला ने बीजेपी पर साधा निशाना
  2. राम मंदिर और बालाकोट एयर स्ट्राइक पर कही ये बात
  3. लोकसभा चुनाव में श्रीनगर से लडे़ंगे
नई दिल्ली:

नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारुक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) सोमवार की देर रात आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे. यहां फारुख ने बीजेपी सरकार पर हमला करते हुए पाकिस्तान के बालाकोट (Balakot Airstrike) में हुए एयर स्ट्राइक में मारे गए आतंकियों पर सवाल उठाया. फारुक अब्दुल्ला ने कहा, ''यदि 300 लोग मारे गए हैं (बालाकोट हवाई हमले में), तो क्या यह अंतरराष्ट्रीय हादसा नहीं होगा? और जो भी इस पर सवाल उठाता है तो क्या वह राष्ट्र-विरोधी है या वह पाकिस्तानी है?'' उन्होंने सिर्फ पाकिस्तान में घुसकर हुए हवाई हमले के बारे में ही बात नहीं की, बल्कि राम मंदिर (Ram Temple) को लेकर अपने बयान दिए.

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फारुक अब्दुल्ला ने आगे कहा, ''आज कोई राम मंदिर की बात नहीं करता. बालाकोट में एयर स्ट्राइक से पहले, यह मंदिर, मंदिर, मंदिर था. आज राम की कौन बात कर रहा है? वे जो कुछ लोगों को बेच रहे हैं, वह यह है कि एक ऐसा व्यक्ति है जो हनुमान जैसा है और पाकिस्तान को हरा सकता है. क्या उन्होंने पाकिस्तान को हरा दिया? मुझे तो ऐसा नहीं लगता.'' लोकसभा चुनाव के लिए फारुक अब्दुल्ला ने सोमवार को श्रीनगर सीट से नामांकन किया. इस दौरान उनके बेटे व नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला भी साथ मौजूद रहे. श्रीनगर में दूसरे चरण का मतदान 18 अप्रैल को होगा. 

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नामांकन के वक्त पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखी. कार्यक्रम स्थल पर किसी भी समर्थक को अंदर जाने की अनुमति भी नहीं दी. चुनाव अधिकारी ने पहले ही दिशानिर्देश जारी किए थे, जिसमें कहा गया था कि एक उम्मीदवार द्वारा नामांकन दाखिल करने के समय अधिकतम लोगों की अनुमति सिर्फ पांच होगी, जिसमें उम्मीदवार भी शामिल होंगे, जबकि अनुमत वाहनों की अधिकतम संख्या तीन होगी.

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