सरकार पर बढ़ रहा दबाव - करो आम आदमी पर टैक्स आधा!

कमज़ोर पड़ती अर्थव्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने के लिए आम आदमी के हाथ में ज़्यादा पैसा होना ज़रूरी है ताकि खपत बढ़े. इसके लिए आम लोगों पर इनकम टैक्स का बोझ कम करने पर सरकार को विचार करना चाहिए.

सरकार पर बढ़ रहा दबाव - करो आम आदमी पर टैक्स आधा!

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

नई दिल्‍ली:

बजट 2020 से पहले सरकार पर आम आदमी पर टैक्स (Income Tax) का बोझ कम करने की मांग तेज़ हो रही है. उद्योग संघ फिक्की के अध्यक्ष संदीप सोमानी ने एनडीटीवी से कहा कि वित्त मंत्री को आम आदमी पर टैक्स का बोझ घटाकर आधा कर देना चाहिये. कमज़ोर पड़ती अर्थव्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने के लिए आम आदमी के हाथ में ज़्यादा पैसा होना ज़रूरी है ताकि खपत बढ़े. इसके लिए आम लोगों पर इनकम टैक्स का बोझ कम करने पर सरकार को विचार करना चाहिए. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बजट 2020 पर एक अहम बैठक के बाद फिक्की अध्यक्ष संदीप सोमानी ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा, 'हम मानते हैं कि जिनकी आय 20 लाख से कम है उनका टैक्‍स आधा कर दिया जाये. इससे उनके हाथ में ज्‍यादा पैसा बचेगा और बाजार में खपत भी बढ़ेगी.'

एसोचैम के सेक्रेटरी जनरल दीपक सूद ने भी वित्त मंत्री की उद्योग जगत के साथ बैठक के बाद कहा कि इनकम टैक्स रेट में कटौती होनी चाहिये जैसा कि कॉरपोरेट टैक्स रेट में किया गया. वित्त मंत्री से मुलाकात के दौरान छोटे-मंझोले उद्योगों पर टैक्स का बोझ कम करने की मांग भी रखी गयी.

सरकार ने दी कॉरपोरेट टैक्‍स में राहत, क्‍या आम आदमी को होगा फायदा?

FIEO के डीजी अजय सहाय ने एनडीटीवी से कहा, सरकार ने मैन्‍युफैक्‍चरिंग में नई कंपनियों के लिए 15 फीसदी कॉरपोरेट टैक्‍स रेट स्‍लैब तय किया है. हमने सलाह दी ळै कि भारतीय एमएमई को भी 15 फीसदी कॉरपोरेट टैक्‍स के दायरे में शामिल करना चाहिए.'

नए साल में बजट 2020 वित्त मंत्री के पास पहला अहम मौका होगा गिरती अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए बड़े नीतिगत फैसले लेने का. आम आदमी पर टैक्स का बोझ कम करने की मांग ऐसे समय पर उठ रही है जब जीएसटी कलेक्शन इस साल औसत से कम रहा है. ऐसे में देखना महत्वपूर्ण होगा कि वित्त मंत्री इस तरह की मांगों से बजट 2020 में कैसे निपटती हैं.

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