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कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी, डिजिटल लेनदेन बढ़ा : मन की बात में पीएम नरेंद्र मोदी

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कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी, डिजिटल लेनदेन बढ़ा : मन की बात में पीएम नरेंद्र मोदी

मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रखने पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विमुद्रीकरण के बाद पिछले कुछ महीनों में डिजिटल भुगतान में वृद्धि हुई है और देश का प्रत्येक नागिरक डिजिटल व्यवस्था में हिस्सेदार बनकर काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का वीर सैनिक बन सकता है. आकाशवाणी पर प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने ‘न्यू इंडिया’ पर जोर दिया और कहा कि यह भव्य भारत बनाने का सवा सौ करोड़ देशवासियों का संकल्प है और उन्हें इसे मिलकर हासिल करना है.

उन्होंने कहा ‘‘काले धन, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को हमें आगे बढ़ाना है. सवा-सौ करोड़ देशवासी इस एक वर्ष में ढाई हजार करोड़ डिजिटल लेन-देन का काम करने का संकल्प कर सकते हैं क्या? हमने बजट में घोषणा की है.’’ उन्होंने कहा कि सवा-सौ करोड़ देशवासियों के लिये अगर वे चाहे तो इस काम के लिए एक साल का इंतजार करने की जरूरत नहीं, छह महीने में कर सकते हैं. ढाई हजार करोड़ डिजिटल लेनदेन को पूरा करना चाहे हम स्कूल में फीस भरेंगे तो कैश से नहीं भरेंगे, डिजिटल से भरेंगे, हम रेलवे में प्रवास करेंगे, विमान में प्रवास करेंगे, डिजिटल से भुगतान करेंगे.

पीएम मोदी ने कहा कि हम दवाई खरीदेंगे तब डिजिटल भुगतान करेंगे. हम सस्ते अनाज की दुकान चलाते हैं, हम डिजिटल व्यवस्था से करेंगे. रोजमर्रा की जिन्दगी में ये कर सकते हैं हम. आपको कल्पना नहीं है, लेकिन इससे आप देश की बहुत बड़ी सेवा कर सकते हैं और काले धन, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के आप एक वीर सैनिक बन सकते हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में हमारे देश में एक ऐसा माहौल बना, बहुत बड़ी मात्रा में लोग डिजिटल भुगतान के डिजिधन आंदोलन में शरीक हुए. अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने न्यू इंडिया, स्वच्छ भारत जैसे विषयों के अलावा कामकाजी महिलाओं के मातृत्व अवकाश को बढ़ाकर 26 सप्ताह करने के निर्णय, मानसिक अवसाद की पीड़ा के साथ स्वतंत्रता आंदोलन में भागत सिंह, राजगुरु, सुखदेख के योगदान और महात्मा गांधी के चम्पारण सत्याग्रह का जिक्र किया.

पीएम मोदी ने कहा कि नोटबंदी के बाद से डिजिटल भुगतान के अलग-अलग तरीकों में काफी वृद्धि देखने को मिली है. भीम एप्प को प्रारंभ किए हुए अभी दो-ढाई महीने का ही समय हुआ है, लेकिन अब तक करीब-करीब डेढ़ करोड़ लोगों ने इसे डाउनलोड किया है. उन्होंने कहा कि बिना नकद कैसे लेन-देन किया जा सकता है, उसकी जिज्ञासा भी बढ़ी है, गरीब से गरीब भी सीखने का प्रयास कर रहा है और धीरे-धीरे लोग भी बिना नकद कारोबार कैसे करें, उसकी ओर आगे बढ़ रहे हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों लोक-शिक्षा के लिये, लोक-जागृति के लिये डिजिधन मेला के कई कार्यक्रम हुए हैं. देश भर में 100 कार्यक्रम करने का संकल्प है. 80-85 कार्यक्रम हो चुके हैं. उसमें इनाम योजना भी थी. करीब साढ़े बारह लाख लोगों ने उपभोक्ता वाला ये इनाम प्राप्त किया है. 70 हजार लोगों ने व्यापारियों के लिये जो इनाम था, वह प्राप्त किया है. और हर किसी ने इस काम को आगे बढ़ाने का संकल्प भी किया है.

उन्होंने कहा कि 14 अप्रैल को डॉ. बाबा साहेब अम्बेडकर की जन्म-जयंती है और बहुत पहले से जैसे तय हुआ था, 14 अप्रैल को बाबा साहेब अम्बेडकर की जन्म-जयंती पर इस डिजि-मेला का समापन होने वाला है. सौ दिन पूरे होने पर बहुत बड़ा कार्यक्रम होने वाला है. बहुत बड़े ड्रा का भी उसमें प्रावधान है.

पीएम मोदी ने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि बाबा साहेब अम्बेडकर की जन्म-जयंती का जितना भी समय अभी हमारे पास बचा है, भीम एप्प का हम प्रचार करें. नकद कम कैसे हो, नोटों का व्यवहार कम कैसे हो, उसमें हम अपना योगदान दें.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जब हम 21वीं सदी में जी रहे हैं, तब कौन हिन्दुस्तानी ऐसा होगा, जो भारत को बदलना नहीं चाहता होगा. कौन हिन्दुस्तानी होगा, जो देश में बदलाव के लिये हिस्सेदार बनना नहीं चाहता हो. उन्होंने कहा कि सवा-सौ करोड़ देशवासियों की ये बदलाव की चाह, बदलाव का प्रयास ही तो है, जो नये भारत ‘न्यू इंडिया’ इसकी मजबूत नींव डालेगा.

पीएम मोदी ने कहा कि न्यू इंडिया कोई सरकारी कार्यक्रम है, न ही किसी राजनैतिक दल का घोषणापत्र है और न ही ये कोई परियोजना है. न्यू इंडिया सवा-सौ करोड़ देशवासियों का आह्वान है. यही भाव है कि सवा-सौ करोड़ देशवासी मिलकर के कैसा भव्य भारत बनाना चाहते हैं. सवा-सौ करोड़ देशवासियों के मन के अन्दर एक आशा है, एक उमंग है, एक संकल्प है, एक चाह है. उन्होंने कहा कि जब आजादी की ललक, उसकी तीव्रता बढ़ता ही चला जा रहा थी. एक तरफ भगतसिंह, सुखदेव, राजगुरु जैसे वीरों ने सशस्त्र क्रांति के लिये युवकों को प्रेरणा दी थी. तो आज से ठीक सौ साल पहले, 10 अप्रैल 1917 को महात्मा गांधी ने चंपारण सत्याग्रह किया था. यह चंपारण सत्याग्रह की शताब्दी का वर्ष है.

मोदी ने कहा कि भारत की आजादी के आन्दोलन में, गांधी विचार और गांधी शैली, इसका प्रकट रूप पहली बार चंपारण में नजर आया. आजादी की पूरी आंदोलन यात्रा में यह एक महत्वपूर्ण मोड़ था. यही वो कालखंड था, चंपारण का सत्याग्रह, खेड़ा सत्याग्रह, अहमदाबाद में मिल-मजदूरों की हड़ताल, और इन सबमें महात्मा गांधी की विचार और कार्यशैली का गहरा प्रभाव नजर आता था.

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘2022 में जब भारत की आजादी के 75 साल होने जा रहे हैं. भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु को याद करते हैं, चंपारण के सत्याग्रह को याद करते हैं. हम भी स्वराज से सुराज की इस यात्रा में अपने जीवन को अनुशासित करके, संकल्पबद्ध करें मैं आपको निमंत्रण देता हूं.’’

बांग्लादेश के स्वतंत्रता दिवस का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि 26 मार्च को बांग्लादेश का स्वतंत्रता का दिवस है। अन्याय के खिलाफ एक ऐतिहासिक लड़ाई, बंग-बन्धु के नेतृत्व में बांग्लादेश की जनता की अभूतपूर्व विजय का दिन है. आज के इस महत्वपूर्ण दिवस पर मैं बांग्लादेश के नागरिक भाइयों-बहनों को स्वतंत्रता दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनायें देता हूं.

उन्होंने कहा कि और यह कामना करता हूं कि बांग्लादेश आगे बढ़े, विकास करे. मैं विश्वास दिलाता हूं कि भारत बांग्लादेश का एक मजबूत साथी है, एक अच्छा मित्र है और हम कंधे-से-कंधा मिला करके इस पूरे क्षेत्र के अन्दर शांति, सुरक्षा और विकास में अपना योगदान देते रहेंगे. योग दिवस का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि तनाव से मुक्ति, दबाव से मुक्ति, प्रसन्न चित्त की ओर प्रयाण में योग बहुत मदद करता है. 21 जून अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस है, ये तीसरा वर्ष होगा. आप भी अभी से तैयारी कीजिए और लाखों की तादाद में सामूहिक योग उत्सव मनाना चाहिए.


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