NDTV Khabar

टेलीकॉम संकट पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- हम नहीं चाहते कि कोई कंपनी अपने ऑपरेशन बंद करे

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि सरकार दूरसंचार क्षेत्र की चिंताओं को दूर करने की इच्छा रखती है.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
टेलीकॉम संकट पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- हम नहीं चाहते कि कोई कंपनी अपने ऑपरेशन बंद करे

निर्मला सीतारमण

खास बातें

  1. टेलीकॉम संकट पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिया बयान
  2. कहा- हम नहीं चाहते कि कोई कंपनी अपने ऑपरेशन बंद करे
  3. हम चाहते हैं कि कोई भी कंपनी हो, वह आगे बढ़े: सीतारमण
नई दिल्ली:

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने शुक्रवार को कहा कि सरकार दूरसंचार क्षेत्र की चिंताओं को दूर करने की इच्छा रखती है. इस क्षेत्र में समायोजित सकल आय (एजीआर) पर उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) के हाल के निर्णय के बाद कंपनियों पर पुराने सांविधिक बकाये के भुगतान का दबाव पैदा हो गया है. सीतारमण ने कहा, ‘‘हम नहीं चाहते कोई कंपनी अपना परिचालन बंद करे. हम चाहते हैं कि कोई भी कंपनी हो, वह आगे बढ़े.'' उन्होंने कहा, ‘‘ सिर्फ दूरसंचार क्षेत्र ही नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में सभी कंपनियां कारोबार करने में सक्षम हों. अपने बाजार में ग्राहकों को सेवाएं दें और कारोबार में बनी रहें. इसी धारणा के साथ वित्त मंत्रालय हमेशा बातचीत करता रहता है और दूरसंचार उद्योग के लिए भी हमारा यही दृष्टिकोण है.''

पांच हजार अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है भारत: सीतारमण


बृहस्पतिवार को दूरसंचार क्षेत्र की कंपनियों वोडाफोन आइडिया और एयरटेल ने अपने दूसरी तिमाही के परिणामों में भारी घाटा दिखाया है. पिछले महीने न्यायालय ने एजीआर की सरकार द्वारा तय परिभाषा को सही माना था. इसके तहत कंपनियों की दूरसंचार सेवाओं के इतर कारोबार से प्राप्त आय को भी उनकी समायोजित सकल आय का हिस्सा मान लिया गया है.

एजीआर पर न्यायालय के फैसले के बाद वोडाफोन-आइडिया, एयरटेल और अन्य दूरसंचार सेवा प्रदाताओं पर सरकार की कुल 1.4 लाख करोड़ रुपये की पुरानी सांविधिक देनदारी बनती है. न्यायालय का निर्णय आने के कुछ दिन के भीतर ही सरकार ने कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में एक सचिवों की समिति गठित कर दी. इसे दूरसंचार उद्योग पर वित्तीय दबाव से निपटने के उपाय सुझाने के लिए कहा गया है.

PMC घोटाले के बाद अब सरकार एक लाख रुपए से बढ़ाने जा रही है बैंकों में जमा धन की गारंटी

टिप्पणियां

सीतारमण ने कहा कि सरकार का इरादा उन सभी लोगों की चिंताओं का समाधान करने का है जो न्यायालय के निर्णय के बाद भारी संकट से गुजर रहे हैं और जिन्होंने सरकार से संपर्क किया है. उन्होंने कहा, ‘‘हम इस बात को लेकर भी सचेत हैं कि उच्चतम न्यायालय ने हमारे पक्ष में आदेश दिया है और ऐसे में दूरसंचार विभाग की चिंताओं पर भी विचार किया जाना है. इसलिए इस संबंध में सरकार की वित्तीय स्थिति और फैसले के दूरसंचार उद्योग के लिए निहितार्थों को समझकर निर्णय लेना होगा.''

सचिवों की समिति के बारे में सीतारमण ने कहा, ‘‘अभी उसका फैसला लेना बाकी है.'' उन्होंने कहा कि दूरसंचार क्षेत्र पर बकाया को लेकर किसी भी बैंक ने वित्त मंत्रालय को अपनी चिंता जाहिर नहीं की है. उल्लेखनीय है कि वोडाफोन ने जहां दूसरी तिमाही में 50 हजार करोड़ रुपये से कारपोरेट इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा तिमाही घाटा दिखाया है, वहीं एयरटेल ने इस दौरान 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक का तिमाही घाटा बताया है. दोनों कंपनियों को कुल मिलाकर दूसरी तिमाही में 74,000 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा हुआ है. 



(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


 Share
(यह भी पढ़ें)... ऋतिक रोशन की मम्मी ने 'घुंघरू सॉन्ग' पर झूमकर किया डांस, वायरल हुआ Video

Advertisement