NDTV Khabar

असदुद्दीन ओवैसी के 8 बयान जिन पर हुआ खूब विवाद

कई बार उनके बयानों को लेकर विवाद पैदा हो जाता है. विपक्षी दलों के नेताओं उनके बयानों पर राजनीति पर करने लगते हैं.

440 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
असदुद्दीन ओवैसी के 8 बयान जिन पर हुआ खूब विवाद

असदुद्दीन ओवैसी.

खास बातें

  1. ओवैसी के बयान पर हो जाता है विवाद
  2. ओवैसी का पीएम मोदी पर तीन तलाक पर निशाना
  3. ओवैसी देते हैं सब का जवाब
नई दिल्ली: मजलिस इत्तेहादुल मुसलमीन (एमआईएम) के प्रमुख और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी अपने बयानों के चलते अकसर विवादों में आ जाते हैं. कई बार उनके बयानों को लेकर विवाद पैदा हो जाता है. विपक्षी दलों के नेताओं उनके बयानों पर राजनीति पर करने लगते हैं और ओवैसी जो वकालत की पढ़ाई कर चुके हैं, सभी का जवाब देते हैं. बीती रात मुंबई में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने तीन तलाक के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरा. इस बैठक में उनपर एक व्यक्ति ने जूता फेंक दिया. यह अलग बात है कि उनपर जूता लगा नहीं और पुलिस अब उस व्यक्ति की तलाश कर रही है. 

ओवैसी के 8 विवादित बयान

तीन तलाक पर दिया ऐसा बयान
तीन तलाक पर मोदी सरकार के कदमों से नाराज़ ओवैसी ने कहा है कि इस मसले पर महिलाओं को न्‍याय दिलाने की बात कहना तो महज एक बहाना है. ओवैसी ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि दरअसल इनका असली निशाना शरियत है. इसके साथ ही उन्‍होंने तीन तलाक से पीड़ित महिलाओं की गुजर-बसर के लिए हर महीने 15 हजार रुपये के बजटीय प्रावधान की बात भी कही.

हिंदुओं को सब्सिडी पर सरकार को चुनौती
ओवैसी ने केंद्र सरकार को देश के विभिन्न हिस्सों में हिंदू तीर्थयात्रियों को दी जा रही वित्तीय सहायता और सब्सिडी को खत्म करने की चुनौती दी है. ओवैसी ने केंद्र सरकार द्वारा हज सब्सिडी खत्म करने पर कहा कि भाजपा, आरएसएस व अन्य संगठन महज दो सौ करोड़ रुपये पर हंगामा मचाते रहे हैं और इसे अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण करार देते रहे हैं. जबकि विभिन्न राज्यों में विभिन्न धार्मिक आयोजनों और तीर्थयात्राओं पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं. ओवैसी ने कहा कि वैसे भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत हज सब्सिडी 2022 तक खत्म होनी ही थी, इसलिए नरेंद्र मोदी सरकार को इसे उछलना नहीं चाहिए था. 

भाजपा-आरएसएस नेताओं के दिमाग की सफाई ज्यादा जरूरी है
कुछ समय पहले योगी आदित्यनाथ ताजमहल में सफाई करने पहुंचे थे. उस समय भी ओवैसी का बयान विवाद में आया था. विश्व विरासत ताजमहल के बाहर जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब सड़क की सफाई की, तब एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया आई थी. ओवैसी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा-आरएसएस नेताओं के दिमाग की सफाई ज्यादा जरूरी है. ताजमहल के बारे में भाजपा के कुछ नेताओं द्वारा दिए गए विवादास्पद बयानों का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अब मुख्यमंत्री वहां जा रहे हैं और ताजमहल के परिसर की सफाई कर रहे हैं, मैं कहना चाहूंगा कि ऐसे बयान देने वाले भाजपा नेताओं के दिमाग की सफाई कौन करेगा.’’

यह भी पढ़ें : मुंबई में तीन तलाक पर असदुद्दीन ओवैसी दे रहे थे भाषण, किसी ने फेंक दिया जूता

‘भारत माता की जय’ जरूरी नहीं
हैदराबाद लोकसभा सीट से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने लातूर जिले के उदगीर तहसील में रविवार को एक जनसभा के दौरान विवादस्पद बयान दिया था कि संविधान में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि किसी को ‘भारत माता की जय’ बोलना है. मैं यह नारा नहीं लगाता. आप क्या करने जा रहे हैं भागवत साहब. अगर आप मेरे गले पर चाकू भी रखेंगे, तो भी मैं ये नारा नहीं लगाऊंगा. दरअसल उन्होंने यह बात उस समय उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान के जवाब में कही थी कि जिसमें उन्होंने कहा था कि नई पीढ़ी को ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाना सिखाया जाना चाहिए.

नोटबंदी के वक्त मुस्लिम इलाकों में नहीं भेजा जा रहा पैसा
नोटबंदी के समय असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि हैदराबाद के मुस्लिम बहुल इलाकों में बैंक और एटीएम काम नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि 'मिलाद-उन-नबी' के मौके पर पैसा नहीं निकाल पाया हूं. ओवैसी बयान के पीछे नोटबंदी को धर्म से जोड़कर देखा गया था. उनके संदेश का मतलब था कि सरकार मुस्लिम बहुल इलाकों में पैसा नहीं भेज रही है.

बाबरी मस्जिद पर बयान
6 दिसंबर 2015 को बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी पर ओवैसी ने कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर नहीं, बाबरी मस्जिद बनकर रहेगी. 

टिप्पणियां
सपा-कांग्रेस का अलायंस पर बयान
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रचार की शुरुआत करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि सपा-कांग्रेस का अलायंस दादरी-बाबरी के अलायंस जैसा है.

VIDEO: ओवैसी से बातचीत

इस्लाम से जुड़ना घर वापसी
एक बार असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि इस्लाम ही सभी लोगों का घर है. अगर दूसरे धर्म के लोग इस्लाम अपनाते हैं तो यह उनके लिए घर वापसी जैसा होगा. हल बच्चा मुस्लिम होकर ही जन्म लेता है.


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement