Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com
NDTV Khabar

जलवायु परिवर्तन पर 'चर्चा से ज्यादा कार्रवाई' की जरूरत : सुषमा स्वराज

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन से पैदा हुई चुनौतियों पर 'चर्चा से ज्यादा कार्रवाई' की जरूरत है.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
जलवायु परिवर्तन पर 'चर्चा से ज्यादा कार्रवाई' की जरूरत : सुषमा स्वराज

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज. (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. जलवायु परिवर्तन पर 'चर्चा से ज्यादा कार्रवाई' की जरूरत : सुषमा स्वराज
  2. विदेश मंत्री ने कहा, गरीब देशों की हरित जलवायु वित्तपोषण से मदद करें
  3. ऐतिहासिक जलवायु समझौता पिछले साल नवंबर में हुआ था
संयुक्त राष्ट्र:

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन से पैदा हुई चुनौतियों पर 'चर्चा से ज्यादा कार्रवाई' की जरूरत है. उन्होंने विकसित देशों के नेताओं से अपील की कि वे गरीब देशों की प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और हरित जलवायु वित्तपोषण के जरिये मदद करें.

यह भी पढ़ें : संयुक्त राष्ट्र में भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज के भाषण की 10 खास बातें

पेरिस समझौते से चीन और भारत जैसे देशों के अधिक लाभान्वित होने का दावा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि जलवायु परिवर्तन पर समझौता अमेरिका के लिए सही नहीं है, क्योंकि यह उसके व्यापार और नौकरियों को बुरी तरह प्रभावित करता है. संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की बैठक को संबोधित करते हुए स्वराज ने कहा कि यह महज संयोग नहीं है कि दुनिया ने डराने वाला समुद्री तूफान, भूकंप, बारिश और जोरदार तूफान देखा है.


टिप्पणियां

यह भी पढ़ें : हम गरीबी से लड़ रहे हैं, हमारा पड़ोसी देश पाकिस्तान हमसे लड़ रहा है : सुषमा स्वराज

उन्होंने कहा, 'प्रकृति ने 'हार्वे' के जरिये न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में दुनिया के नेताओं के जमा होने से पहले ही संसार को चेतावनी भेज दी है.' उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में हिस्सा लेने के लिए दुनियाभर के नेताओं के एकत्र होने पर मेक्सिको में भूकंप आया और डोमिनिका में समुद्री तूफान आया. स्वराज ने कहा, 'हमें इस बात को अवश्य समझना चाहिए कि इसए लिए वार्ता की बजाय गंभीर कार्रवाई की जरूरत है. विकसित दुनिया को अन्य की तुलना में अधिक सावधानी से सुनना चाहिए, क्योंकि उनके पास दूसरों की तुलना में अधिक क्षमता है.  

VIDEO: यूएन में बोलीं सुषमा, हमने डॉक्टर बनाए, पाकिस्तान ने जेहादी
गरीबों को सहयोग किया जाना चाहिए
सुषमा ने कहा, 'गरीबों को तकनीकी हस्तांतरण और हरित जलवायु वित्त पोषण के माध्यम से सहयोग किया जाना चाहिए, जो भविष्य की पीढ़ियों को बचाने का एकमात्र रास्ता है.' पेरिस समझौते का मुख्य उद्देश्य इस सदी में वैश्विक तापमान बढ़ोतरी को दो डिग्री सेल्सियस से कम रखकर जलवायु परिवर्तन के खतरे से लड़ने में वैश्विक एकजुटता को मजबूत करना है. इस तरह का प्रयास करना है कि तापमान वृद्धि को डेढ़ डिग्री सेल्सियस तक सीमित किया जा सके. ऐतिहासिक समझौता पिछले साल नवंबर में हुआ था. इसमें विश्व के देशों से आह्वान किया गया था कि जलवायु परिवर्तन से लड़ें और भविष्य में कार्बन के कम उत्सर्जन के लिए कार्रवाई एवं निवेश तेज करें और जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों को अपना सकें. 



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


 Share
(यह भी पढ़ें)... अपने भाषण पर उठे विवाद के बाद बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने दी सफाई,कहा- CAA का समर्थन करके कुछ गलत नहीं किया

Advertisement