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फोरेंसिक ऑडिटर ने कोर्ट को बताया, आम्रपाली ने फर्जी कंपनियों में हेल्पर को बना दिया डॉयरेक्टर

आम्रपाली के फ्लैट का पंजीकरण कराने की अनुमति देने के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट, सीएफओ को 4.5 करोड़ रुपये जमा कराने का आदेश

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फोरेंसिक ऑडिटर ने कोर्ट को बताया, आम्रपाली ने फर्जी कंपनियों में हेल्पर को बना दिया डॉयरेक्टर

सुप्रीम कोर्ट.

खास बातें

  1. निवेशकों के पैसे शेयर के जरिए दूसरी कंपनी को भेजे
  2. कोर्ट ने कंपनी जेपी मॉर्गन को भेजी गई राशि की जानकारी मांगी
  3. फ्लैट में रहने वाले खरीदारों को राहत प्रदान करने के संकेत
नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली के सीएफओ को 4.5  करोड़ रुपये जमा कराने का आदेश दिया है. कोर्ट ने आम्रपाली से निवेशकों के पैसों को शेयर के जरिए दूसरी कंपनी जेपी मॉर्गन को भेजने के विषय मे जानकारी भी मांगी.  

कोर्ट द्वारा नियुक्त फोरेंसिक ऑडिटर ने कोर्ट को बताया कि आम्रपाली ने करीब 1500 फ्लैट मिट्टी के दाम पर अपने जान पहचान के लोगों को दिए. बड़ी संख्या में बोगस कंपनियां बनाई गईं जिनमें डायरेक्टर जैसे ऊंचे पदों पर हेल्पर जैसे निचले स्तर के कर्मचारियों को रखा गया है. फोरेंसिक ऑडिटर ने कोर्ट को बताया कि आम्रपाली ने विदेशी फाइनेंस कंपनी के जरिए मॉरीशस से करोड़ों की रकम का हेरफेर किया. कोर्ट ने इस पर कंपनी के भारत के प्रतिनिधि से जवाब तलब किया है.

निवेशकों ने कहा कि जब यूनीटेक के मालिक जेल में हैं तो आम्रपाली के मालिक को होटल में क्यों रखा जा रहा है? संकट का सामना कर रहे आम्रपाली ग्रुप द्वारा बनाए गए फ्लैट में रहने वाले खरीदारों को राहत प्रदान करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को संकेत दिया कि वह फ्लैट मालिकों को अपने आवास को संबंधित प्राधिकारों के समक्ष पंजीकरण कराने की अनुमति दे सकता है.


सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली के डायरेक्टरों की लग्जरी कारों को जब्त करके बेचने का आदेश दिया

न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने खरीदारों और आम्रपाली की ओर से पेश वकीलों से कहा कि आम्रपाली के खरीदारों को मौजूदा मुकदमे के कारण और समापन प्रमाण पत्र के अभाव में नुकसान नहीं होना चाहिए. पीठ ने कहा कि हम नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को आनुपातिक राशि के भुगतान पर उनके फ्लैट को पंजीकरण करने का आदेश दे सकते हैं. जरूरत हुई तो निर्देश जारी करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल किया जा सकता है.

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पीठ ने संबंधित पक्षों को सुनवाई की अगली तारीख पर अपना-अपना कानूनी सुझाव देने को कहा है ताकि प्राधिकरणों को निर्देश जारी किए जा सकें. खरीदारों की ओर से पेश वकील एमएल लाहोटी ने कहा कि यह फ्लैट मालिकों के लिए बड़ी राहत होगी और सुनवाई की अगली तारीख को वे कानूनी सुझाव जमा कराएंगे.    पीठ मामले पर अगली सुनवाई 24 जनवरी को करेगी.


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