जम्‍मू-कश्‍मीर में एन एन वोहरा की जगह पूर्व गृह सचिव राजीव महर्षि को बनाया जा सकता है नया राज्‍यपाल: सूत्र

जम्मू कश्मीर को नया राज्यपाल मिलेगा. NDTV इंडिया को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पूर्व गृह सचिव राजीव महर्षि को जम्मू कश्मीर का नया राज्यपाल बनाया जा सकता है.

जम्‍मू-कश्‍मीर में एन एन वोहरा की जगह पूर्व गृह सचिव राजीव महर्षि को बनाया जा सकता है नया राज्‍यपाल: सूत्र

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल एन एन वोहरा की फाइल फोटो

नई दिल्ली:

जम्मू कश्मीर को नया राज्यपाल मिलेगा. NDTV इंडिया को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पूर्व गृह सचिव राजीव महर्षि को जम्मू कश्मीर का नया राज्यपाल बनाया जा सकता है. सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार राज्य में सरकार बनाने के पक्ष में है, लेकिन मौजूदा राज्यपाल एन एन वोहरा इसके लिए कोशिश नहीं कर रहे हैं.

आपको बता दें कि पीडीपी के साथ जम्मू-कश्मीर में करीब तीन साल गठबंधन सरकार में रहने के बाद बीजेपी ने जून में सरकार से समर्थन वापस ले लिया था. बीजेपी ने कहा था कि राज्य में बढ़ते कट्टरपंथ और आतंकवाद के चलते सरकार में बने रहना मुश्किल हो गया था. इसके बाद जम्मू-कश्मीर में पिछले 40 साल में आठवीं बार राज्यपाल शासन लागू हुआ था. वहीं एनएन वोहरा के राज्यपाल रहते यह चौथा मौका था जब राज्य में केंद्र का शासन हुआ था. पूर्व नौकरशाह वोहरा 25 जून 2008 को जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल बने थे.

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कौन हैं राजीव महर्षि 
- राजीव महर्षि भारत के नियन्त्रक एवं महालेखापरीक्षक तथा संयुक्त राष्ट्र में बॉर्ड ऑफ ऑडिटर के अध्यक्ष हैं. 
- वे पूर्व भारत के गृह सचिव तथा भारत के वित्त सचिव रह चुके हैं.  वह 31 अगस्‍त 2015 से लेकर 30 अगस्‍त 2017 तक गृह सचिव रहे.
- भारत के वित्त सचिव (अर्थशास्त्र विभाग का अतिरिक्त पदभार) भी रहे. वह इस पद पर 29 अक्‍टूबर 2014 से 30 अगस्‍त 2015 तक इस पद पर रहे.
- वे 1978 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. 

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कौन हैं एन एन वोहरा
1 - 2008 से हैं जम्मू-कश्मीर के गवर्नर और 28 जून को उनका कार्यकाल खत्‍म हो रहा है. 
2 - वोहरा के कार्यकाल में 3 बार लगा राज्यपाल शासन लग चुका है.
3 - वर्ष 2003 में वाजपेयी सरकार में जम्मू-कश्मीर के वार्ताकार भी बने और वर्ष 2003 से 2008 तक वह जम्मू-कश्मीर में वार्ताकार भी रहे. 
4 - वह पूर्व प्रधानमंत्री आईके गुजराल के प्रमुख सचिव भी रह चुके है और इसके आलावा गृह सचिव, रक्षा सचिव पर रह चुके हैं. 
5- संगठित अपराधियों, माफिया और नेताओं के बीच के संबंधों की जांच के लिए 1993 में गठित एन. एन. वोहरा समिति की रिपोर्ट काफी चर्चा में रही. गृह सचिव रहते हुए अक्टूबर 1993 में इन्होंने वोहरा (कमेटी) रिपोर्ट सौंपी थी. 

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