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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि : राष्ट्रपति कोविंद, पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह सहित कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य, भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) की आज पहली पुण्यतिथि है.

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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी  वाजपेयी की पुण्यतिथि : राष्ट्रपति कोविंद, पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह सहित कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

Atal Bihari Vajpayee Death Anniversary: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पहली पुण्यतिथि है

नई दिल्ली:

Atal Bihari Vajpayee Death Anniversary: भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य, भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की आज पहली पुण्यतिथि है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह सहित कैबिनेट के मंत्री और तमाम बीजेपी नेताओं ने पूर्व पीएम वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी.  बता दें कि एक साल पहले 16 अगस्त, 2018 को भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया था. उनके निधन के बाद भारतीय जनता पार्टी ने उनकी अस्थियों को देश की 100 नदियों में प्रवाहित किया था और इसकी शुरुआत हरिद्वार में गंगा में विसर्जन के साथ हुई थी.

अटल बिहारी वाजपेयी को 2014 में देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. वो पहली बार 1996 में प्रधानमंत्री बने और उनकी सरकार सिर्फ 13 दिनों तक ही चल पाई थी. 1998 में वह दूसरी बार प्रधानमंत्री बने, तब उनकी सरकार 13 महीने तक चली थी. 1999 में तीसरी बार प्रधानमंत्री बने और 5 सालों का कार्यकाल पूरा किया.
  


पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी देश के उन चुनिंदा राजनेताओं में से रहे जिन्हें दूरदर्शी माना जाता है. उन्होंने अपने राजनीतिक करियर में ऐसे कई फैसले लिए जिसने देश और उनकी खुद की राजनीतिक छवि को काफी मजबूती दी. आज हम आपको अटल बिहारी वाजपेयी की जिंदगी से जुड़ी ऐसी ही 6 बातें बताने जा रहे हैं, जिनका उनकी सफलता में काफी बड़ा हाथ रहा. आइये जानते हैं कौन सी हैं वह बातें...

1. पोखरण में परमाणु परीक्षण
उस दौर में जब देश की सत्ता संभालने वाले ज्यादातर प्रधानमंत्री ने भारत को विश्वशक्ति बनाने के लिए परमाणु बम का परीक्षण करने की बात कर रहे थे, वहीं अटल बिहारी वाजपेयी ने लीक से हटकर पहली बार पोखरण में एक के बाद एक पांच परमाणु बम परीक्षण करने का माद्दा दिखाया. उन्होंने बड़े ही गोपनीय तरीके से इस परीक्षण को अंजाम दिलाया. 

2. बने पहले गैर- कांग्रेसी प्रधानमंत्री 
अटल बिहारी वाजपेयी देश के पहले ऐसे गैर- कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने जिन्होंने बतौर प्रधानमंत्री पांच साल सरकार चलाई. इससे पहले ऐसा कोई भी बड़ा नेता नहीं कर पाया था.

3. पहले ऐसे सांसद जो चार राज्यों से चुने गए
अटल बिहारी वाजपेयी इतने चर्चित और लोकप्रिय थे कि उन्होंने एक अलग कीर्तिमान स्थापित किया. वह पहले ऐसे सांसद बने जिन्हें चार राज्यों यूपी, एमपी, गुजरात और दिल्ली से चुना गया. 

4. पहली बार बनाई गठबंधन की सरकार
अटल बिहारी वाजपेयी देश के पहले ऐसे राजनेता थे जिन्होंने पहली बार गठबंधन की सरकार बनाई. न सिर्फ उन्होंने सरकार बनाई बल्कि सभी को साथ लेकर भी चले. उनके इस सफल प्रयास ने भारतीय राजनीति को हमेशा हमेशा के लिए बदलकर रख दिया. 

5. यूएन में हिन्दी में संबोधित किया
अटल बिहारी वाजपेयी का हिन्दी के प्रति लगाव सबसे ज्यादा था. यही वहज थी कि जब वह बतौर पीएम यूएन में संबोधन के लिए गए तो उन्होंने वहां हिन्दी भाषा में ही संबोधित किया. वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री थे. 

6. मिला भारत रत्न
वर्ष 2015 में उन्हें भारत के सबसे बड़े सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया. उनके साथ-साथ पंडित मदन मोहन मालवीय को भी यह सम्मान दिया गया. 

बता दें कि अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री के रूप में तीन बार देश का नेतृत्व किया है. वे पहली बार साल 1996 में 16 मई से 1 जून तक, 19 मार्च 1998 से 26 अप्रैल 1999 तक और फिर 13 अक्टूबर 1999 से 22 मई 2004 तक देश के प्रधानमंत्री रहे हैं. अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी के कवि, पत्रकार और प्रखर वक्ता भी हैं. भारतीय जनसंघ की स्थापना में भी उनकी अहम भूमिका रही है. वे 1968 से 1973 तक जनसंघ के अध्यक्ष भी रहे. आजीवन राजनीति में सक्रिय रहे अटल बिहारी वजपेयी लम्बे समय तक राष्ट्रधर्म, पाञ्चजन्य और वीर अर्जुन आदि पत्र-पत्रिकाओं के सम्पादन भी करते रहे हैं. वाजपेयी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्पित प्रचारक रहे हैं और इसी निष्ठा के कारण उन्होंने आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लिया था. सर्वोच्च पद पर पहुंचने तक उन्होंने अपने संकल्प को पूरी निष्ठा से निभाया.

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