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आज है पांच राज्यों का स्थापना दिवस, पीएम ने दी बधाइयां, पढ़ें रोचक जानकारियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर अपने ही अंदाज में इन राज्यों के लोगों को स्थापना दिवस की बदाइयां दी हैं.

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आज है पांच राज्यों का स्थापना दिवस, पीएम ने दी बधाइयां, पढ़ें रोचक जानकारियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.

नई दिल्ली: आज देश के पांच राज्यों का स्थापना दिवस है. इन सबी राज्यों में अपने-अपने स्थापना दिवस पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. सरकारी बिल्डिंगों पर रोशनी लगाई गई हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर अपने ही अंदाज में इन राज्यों के लोगों को स्थापना दिवस की बदाइयां दी हैं. आइए जाने इन राज्यों के बारे में कुछ रोचक जानकारियों...

मध्य प्रदेश
मध्यप्रदेश राज्य बुधवार को 62 साल पूरे कर 63वें वर्ष में प्रवेश कर गया. 15 अगस्त, 1947 के पूर्व देश में कई छोटी-बड़ी रियासतें और देशी राज्य अस्तित्व में थे. आजादी के बाद उन्हें स्वतंत्र भारत में सम्मिलित और एकीकृत किया गया. सन् 1956 में राज्यों के पुनर्गठन के फलस्वरूप 1 नवंबर, 1956 को नया राज्य मध्यप्रदेश अस्तित्व में आया. इसके घटक राज्य मध्यप्रदेश, मध्यभारत, विंध्य प्रदेश और भोपाल थे, जिनकी अपनी विधान सभाएं थीं.
 
1956 में अस्तित्व में आए इस प्रदेश को पहले मध्य भारत कहकर संबोधित किया जाता था. इसका पुनर्गठन भाषायी आधार पर हुआ. डॉ. पटटाभि सीतारामैया मध्यप्रदेश के पहले राज्यपाल हुए. जबकि पहले मुख्यमंत्री के रूप में पं रविशंकर शुक्ल ने शपथ ली थी. वहीं पं कुंजी लाल दुबे को मध्यप्रदेश का पहला अध्यक्ष बनने का गौरव प्राप्त हुआ.

कर्नाटक 
कर्नाटक जिसे कर्णाटक भी कहते हैं, दक्षिण भारत का एक राज्य है. इस राज्य का गठन 1 नवंबर, 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम के अधीन किया गया था. पहले यह मैसूर राज्य कहलाता था. 1973 में पुनर्नामकरण कर इसका नाम कर्नाटक कर दिया गया. कर्नाटक शब्द के उद्गम के कई व्याख्याओं में से सर्वाधिक स्वीकृत व्याख्या यह है कि कर्नाटक शब्द का उद्गम कन्नड़ शब्द करु, अर्थात काली या ऊंची और नाडु अर्थात भूमि या प्रदेश या क्षेत्र से आया है, जिसके संयोजन करुनाडु का पूरा अर्थ हुआ काली भूमि या ऊंचा प्रदेश. काला शब्द यहां के बयालुसीम क्षेत्र की काली मिट्टी से आया है और ऊंचा यानि दक्कन के पठारी भूमि से आया है.
 
ब्रिटिश राज में यहां के लिये कार्नेटिक शब्द का प्रयोग किया जाता था, जो कृष्णा नदी के दक्षिणी ओर की प्रायद्वीपीय भूमि के लिये प्रयुक्त है और मूलतः कर्नाटक शब्द का अपभ्रंश है.

छत्तीसगढ़ 
छत्तीसगढ़ राज्य का गठन 1 नवम्बर 2000 को हुआ था. यह भारत का 26वां राज्य है. भारत में दो क्षेत्र ऐसे हैं जिनका नाम विशेष कारणों से बदल गया - एक तो 'मगध' जो बौद्ध विहारों की अधिकता के कारण "बिहार" बन गया और दूसरा 'दक्षिण कौशल' जो छत्तीसगढ़ों को अपने में समाहित रखने के कारण "छत्तीसगढ़" बन गया. किन्तु ये दोनों ही क्षेत्र अत्यन्त प्राचीन काल से ही भारत को गौरवान्वित करते रहे हैं.
 
"छत्तीसगढ़" तो वैदिक और पौराणिक काल से ही विभिन्न संस्कृतियों के विकास का केन्द्र रहा है. यहाँ के प्राचीन मन्दिर तथा उनके भग्नावशेष इंगित करते हैं कि यहाँ पर वैष्णव, शैव, शाक्त, बौद्ध संस्कृतियों का विभिन्न कालों में प्रभाव रहा है.

हरियाणा
हरियाणा उत्तर भारत का एक राज्य है जिसकी राजधानी चण्डीगढ़ है. यह राज्य वैदिक सभ्यता और सिंधु घाटी सभ्यता का मुख्य निवास स्थान है. इस क्षेत्र में विभिन्न निर्णायक लड़ाइयां भी हुई हैं जिसमें भारत का अधिकत्तर इतिहास समाहित है. इसमें महाभारत का महाकाव्य युद्ध भी शामिल है. हिन्दू मतों के अनुसार महाभारत का युद्ध कुरुक्षेत्र में हुआ (इसमें भगवान कृष्ण ने भागवत गीता का वादन किया).
 
इसके अलावा यहाँ तीन पानीपत की लड़ाइयाँ हुई. ब्रितानी भारत में हरियाणा पंजाब राज्य का अंग था जिसे 1966 में भारत के 17वें राज्य के रूप में पहचान मिली. इसकी स्थापना 1 नवम्बर 1966 को हुई. इसे भाषायी आधार पर पूर्वी पंजाब से नये राज्य के रूप में बनाया गया. शब्द हरियाणा सर्वप्रथम 12वीं सदी में अपभ्रंश लेखक विबुध श्रीधर ने उल्लिखित किया था.

केरल
केरल की राजधानी तिरुवनन्तपुरम (त्रिवेन्द्रम) है. मलयालम (മലയാളം, मलयाळम्) यहां की मुख्य भाषा है. पुदुच्चेरी (पांडिचेरि) राज्य का मय्यष़ि (माहि) नाम से जाता जाने वाला भूभाग भी केरल राज्य के अन्तर्गत स्थित है. स्वतंत्रता प्राप्ति से पूर्व केरल में राजाओं की रियासतें थीं. जुलाई 1949 में तिरुवितांकूर और कोच्चिन रियासतों को जोड़कर 'तिरुकोच्चि' राज्य का गठन किया गया. उस समय मलाबार प्रदेश मद्रास राज्य (वर्तमान तमिलनाडु) का एक जिला मात्र था. नवंबर 1956 में तिरुकोच्चि के साथ मलाबार को भी जोड़ा गया और इस तरह वर्तमान केरल की स्थापना 1 नवंबर 1956 को हुई. इस प्रकार 'ऐक्य केरलम' के गठन के द्वारा इस भूभाग की जनता की दीर्घकालीन अभिलाषा पूर्ण हुई. 
 
केरल शब्द की व्युत्पत्ति को लेकर विद्वानों में एकमत नहीं है. कहा जाता है कि "चेर - स्थल", 'कीचड़' और "अलम-प्रदेश" शब्दों के योग से चेरलम बना था, जो बाद में केरल बन गया. केरल शब्द का एक और अर्थ है : - वह भूभाग जो समुद्र से निकला हो. समुद्र और पर्वत के संगम स्थान को भी केरल कहा जाता है. प्राचीन विदेशी यायावरों ने इस स्थल को 'मलबार' नाम से भी सम्बोधित किया है. काफी लबे अरसे तक यह भूभाग चेरा राजाओं के आधीन था एवं इस कारण भी चेरलम (चेरा का राज्य) और फिर केरलम नाम पड़ा होगा.


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