विश्व पुस्तक मेले में बढ़ रही है पुस्तक प्रेमियों की भीड़

विश्व पुस्तक मेले में बढ़ रही है पुस्तक प्रेमियों की भीड़

खास बातें

  • प्रगति मैदान में आयोजति विश्व पुस्तक मेला 15 जनवरी को होगा समाप्त
  • इस बार पुस्तक मेले की थीम महिला सशक्तिकरण 'मानुषी' रखी गई है
  • मेले में नामचीन लेखकों और कलाकारों के आने से बढ़ रही है भीड़
नई दिल्ली:

दिल्ली में चल रहा विश्व पुस्तक मेला अपने पूरे शबाब पर है. मेले में हिंदी के नामचीन लेखकों की मौजूदगी पुस्तक प्रेमियों को अपनी ओर खींच रही है. शुक्रवार को विभिन्न स्टॉल पर प्रसिद्ध लेखकों की किताबों के लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित किए गए.

राजकमल प्रकाशन समूह के स्टॉल पर सुप्रसिद्ध आलोचक नामवर सिंह  ने 11 काव्य संग्रहों का लोकापर्ण किया. इन काव्य संग्रहों में गीत चतुर्वेदी की 'न्यूनतम मैं', दिनेश कुशवाह की 'इतिहास में अभागे', आर. चेतनक्रांति की 'वीरता पर विचलित', प्रेम रंजन अनिमेष की 'बिना मुंडेर की छत', राकेश रंजन की 'दिव्य कैदखाने में', विवेक निराला की 'धुव्र तारा जल में', सविता भार्गव की 'अपने आकाश में', समर्थ वशिष्ठ की 'सपने मे पिया पानी', मोनिका सिंह की 'लम्स', प्रकृति करगेती की 'शहर और शिकायतें' और पवन करण की 'इस तरह मैं' शामिल हैं. कार्यक्रम में लेखकों  ने अपनी-अपनी किताबों  से  कुछ अंश वहां मौजूद लोगों को पढ़कर भी सुनाए.

राजकमल प्रकाशन के संपादकीय निदेशक सत्यानंद निरुपम ने बताया कि उनके यहां 14 जनवरी शनिवार को क्षितिज रॉय के उपन्यास  'गंदी बात' का लोकार्पण किया जाएगा. यह लोकार्पण हिंदी फिल्मों के गीतकार प्रशांत इंगोले करेंगे.

राजकमल के अलावा प्रभात प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, किताबघर प्रकाशन आदि के स्टॉल पर भी पाठकों की काफी भीड़ देखने को मिल रही है.

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