सावरकर-गोडसे विवाद: गिरिराज सिंह बोले- कांग्रेस जिन्ना को आदर्श के रूप में प्रस्तुत कर रही है और सावरकर को गाली दे रही है

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) ने शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी (Congress) द्वारा हिंदू महासभा के सह-संस्थापक विनायक दामोदर सावरकर और महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे के लिए समलैंगिक संबंध का दावा करने पर जोरदार हमला बोला.

सावरकर-गोडसे विवाद: गिरिराज सिंह बोले- कांग्रेस जिन्ना को आदर्श के रूप में प्रस्तुत कर रही है और सावरकर को गाली दे रही है

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (Giriraj Singh)- फाइल फोटो

खास बातें

  • सावरकर-गोडसे विवाद पर आया गिरिराज सिंह का बयान
  • कांग्रेस को पाकिस्तान से जोड़कर साधा निशाना
  • बोले- कांग्रेस जिन्ना को आदर्श के रूप में प्रस्तुत कर रही है
पटना:

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) ने शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी (Congress) द्वारा हिंदू महासभा के सह-संस्थापक विनायक दामोदर सावरकर और महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे के लिए समलैंगिक संबंध का दावा करने पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सावरकर के लिए इसलिए अपशब्दों का इस्तेमाल करती है क्योंकि वह जिन्ना को आदर्श के रूप में प्रस्तुत कर रही है. गिरिराज सिंह ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा, ''वह दिन दूर नहीं जब वह (कांग्रेस) जिन्ना के अच्छे नेता होने पर किताब पढ़ेंगे. वे जिन्ना को आदर्श के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं और इसी वजह से सावरकर के लिए अपशब्द कह रहे हैं.''

यह बयान तब आया जब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित कांग्रेस सेवादल (Congress Seva Dal) में 10 दिवसीय ट्रेनिंग कैंप में किताब 'वीर सावरकर कितने वीर' बांटा गया.

गिरिराज सिंह ने फिर निशाना साधते हुए कहा, ''कांग्रेस के पास सिर्फ एक एजेंडा है, जो देश को कमजोर बना रहा है और पाकिस्तान की भाषा बोल रहा है. कांग्रेस ठीक वैसा ही व्यवहार कर रही है, जैसा 1947 से पहले जिन्ना करते थे.'' केंद्रीय मंत्री ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि कांग्रेस और पाकिस्तान दोनों का ही अनुच्छेद 370, सर्जिकल स्ट्राइक, नागरिकता संशोधन बिल और तीन तलाक के लिए हमेशा से एक जैसा ही रुख रहा है.

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बता दें कि किताब में दावा किया गया है कि नाथूराम गोडसे और वीर सावरकर के बीच समलैंगिक संबंध थे. 'वीर सावरकर कितने वीर' में कई किताबों के हवाले से तमाम तरह के दावे किए गए हैं. डॉमिनिक लैपिएर और लैरी कॉलिन की किताब 'फ्रीडम एट मिडनाइट' का जिक्र करते हुए इसमें लिखा है, 'ब्रह्मचर्य धारण करने से पहले नाथूराम गोडसे के एक ही शारीरिक संबंध का ब्यौरा मिलता है. यह समलैंगिक संबंध थे. उनका पार्टनर था उनका राजनैतिक गुरु वीर सावरकर. सावरकर अल्पसंख्यक महिलाओं से बलात्कार करने के लिए लोगों को उकसाते थे.'

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किताब में लिखा है, 'सावरकर जब 12 साल के थे तब उन्होंने मस्जिद पर पत्थर फेंके थे और वहां की टाइल्स तोड़ दी थी.' किताब के 14वें पन्ने पर सवाल है, 'क्या सावरकर ने हिंदुओं को अल्पसंख्यक महिलाओं से बलात्कार करने के लिए प्रोत्साहित किया?' इसके जवाब में लिखा है, 'यह सही है. सावरकर ने बलात्कार को एक न्यायसंगत राजनैतिक हथियार बताया था. अपनी पुस्तक 'सिक्स ग्लोरियस एपोक्स ऑफ इंडियन हिस्ट्री' में जानवरों की व्यावहारिक प्रवृत्ति को जोड़ते हुए सावरकर ने व्याख्या की कि कैसे हर जानवर अपने अस्तित्व को बनाए रखने के लिए अपनी आबादी बढ़ाना चाहता है. यहां तक कि रावण और सीता के बारे में वे कहते हैं कि शत्रु की महिला को अगवा करने और उससे बलात्कार करने को तुम अधर्म कहते हो? ये तो परोधर्म है. महानतम कर्तव्य. उनके अनुसार हिंदुओं के विरुद्ध मुस्लिम महिलाएं इसलिए भाग लेती हैं क्योंकि उन्हें हिन्दू पुरुषों से इसके लिए बदला लिए जाने का डर नहीं होता है. जो कि इस विकृत सोच से ग्रस्त हैं कि महिलाओं को शिष्टाचार और सम्मान देना चाहिए.'