देश में लड़कियों की सुरक्षा पर उठे सवाल, जिंदा जला दी गईं दो बेटियां

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के पल्ली गांव की नेहा ने 5 दिन ज़िन्दगी और मौत से जूझने के बाद रविवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में आखिरी सांस ली और फिर उसके गांव में सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से उसका अंतिम संस्कार किया.

नई दिल्‍ली:

उत्तराखंड और यूपी में 2 लड़कियों को पेट्रोल डालकर जला दिया गया, दोनों लड़कियों को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन इलाज़ के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया. अब दोनों राज्यों में कानून व्यवस्था और बेटियों की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं. उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के पल्ली गांव की नेहा ने 5 दिन ज़िन्दगी और मौत से जूझने के बाद रविवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में आखिरी सांस ली और फिर उसके गांव में सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से उसका अंतिम संस्कार किया. बीएससी सेकेंड ईयर में पढ़ने वाली नेहा 16 दिसंबर को कॉलेज के प्रैक्टिकल के बाद स्कूटी से घर लौट रही थी, तभी पेशे से ड्राइवर 30 साल के मनोज सिंह उर्फ बंटी नाम के शख्स ने उसका रास्ता रोककर रेप करने की कोशिश की. लेकिन विरोध करने पर उसने नेहा के ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी. 70 प्रतिशत जली हालात में नेहा को एयर एंबुलेंस से दिल्ली के सफदरजंग भेजा गया. आरोपी को तो मौके से गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन नेहा की जान नहीं बचाई जा सकी. इसे लेकर उत्तराखंड में विरोध प्रदर्शन भी हुए. घरवालों की मांग है कि इंसाफ ऐसा हो जो दूसरों के लिए सबक बने.

वहीं 18 दिसंबर को आगरा के मलपुरा थाना क्षेत्र में 2 बाइक सवार और हेलमेट पहने अज्ञात लोगों ने दसवीं में पढ़ने वाली 15 साल की छात्रा संजली पर पेट्रोल छिड़ककर उस समय आग लगा दी, जब वो स्कूल से घर लौट रही थी. उसी समय वहां से गुजर रहे बस चालक ने अपनी गाड़ी में रखे फायर सिलेंडर से आग बुझाई. 50 प्रतिशत जली गंभीर हालत में छात्रा को आगरा से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में रेफर किया गया, यहां उसकी इलाज़ के दौरान गुरुवार को उसकी मौत हो गयी. इस घटना से नाराज़ स्थानीय लोगों ने कैंडल मार्च निकाला और बाजार बंद करा दिए. लोगों के विरोध को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है.

इस घटना के बाद संजली के चचेरे भाई योगेश ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली, पुलिस ने उसके घर से कुछ पत्र भी बरामद किए हैं. वहीं इस घटना के बाद समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को कटघरे में खड़ा किया, यूपी के डिप्टी सीएम पीड़ित के घर गए और 5 लाख का मुआवजा देने की घोषणा के बाद कहा कि कड़ी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस का दावा है कि वो जल्दी ही इस मामले में पूरा खुलासा करेगी.

(साथ में आगरा से नसीम अहमद और उत्तराखंड से दिनेश मानसेरा)

 
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