WhatsApp के साथ हुईं सरकार की कई बैठकें लेकिन नहीं दी हैकिंग की जानकारी, अब 4 दिन में देना होगा जवाब

मंत्रालय ने वाट्सएप को संदेशों के स्रोत बताने के लिए कहा है लेकिन वाट्सएप ने स्त्रोतों की जानकारी देने से इनकार कर दिया.

WhatsApp के साथ हुईं सरकार की कई बैठकें लेकिन नहीं दी हैकिंग की जानकारी, अब 4 दिन में देना होगा जवाब

खास बातें

  • वाट्सएफ से सरकार ने 4 नवंबर तक मांगा जवाब
  • सरकार के साथ बैठकों में नहीं किया हैकिंग का जिक्र
  • सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से मांगा 3 महीने का समय
नई दिल्ली:

सरकार फेक न्यूज और अफ़वाहों पर लगाम कसने के लिए कड़े आईटी कानून की तैयारी में है. माना जा रहा है संसद के बजट सत्र में इससे जुड़ा बिल लाया जा सकता है. वाट्सएप पर भी शिकंजा कसा जाएगा. दरअसल हाल ही में वाट्सएप के जरिए हुई जासूसी के मामले में सरकार को साजिश का शक है. सरकार ने चिंता व्यक्त की है कि जून से अब तक वाट्सएप के साथ कई दौर की बातचीत हुई लेकिन कंपनी ने एक बार भी पेगासस हैकिंग घटना का उल्लेख नहीं किया. सरकार ने इस मामले में जवाब देने के लिए वाट्सएप को 4 नवंबर तक का समय दिया है. 

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त के साथ प्रश्न उठाया कि यह वाट्सएप संदेशों के स्रोत की जानकारी तथा जवाबदेही तय करने के लिए कोई कदम उठाने से सरकार को रोकने के लिए कंपनी की ओर से कोई अडंगा जैसी चाल तो नहीं है. 

सरकार हैकिंग मामले के खुलासे के समय को लेकर भी सवाल कर रही है. यह इस कारण महत्वपूर्ण हो जाता है कि केंद्र सरकार ने देश में सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के उपाय के लिये सुप्रीम कोर्ट से तीन महीने का समय मांगा है. सरकार ने कोर्ट में कहा, ''हमें चिंता है कि भारतीय नागरिकों की जासूसी की गई. ऐसे लोग के नाम आए हैं जिनका रुख सरकार विरोधी रहा है'' सरकार का कहना है कि वह आलोचना के खिलाफ नहीं है, लेकिन शरारती तत्वों पर लगाम कसना जरूरी है.

WhatsApp के जरिये जासूसी में क्या सरकार की है कोई भूमिका? यहां समझें पूरा मामला 

मंत्रालय ने वाट्सएप को संदेशों के स्रोत बताने के लिए कहा है लेकिन वाट्सएप ने स्त्रोतों की जानकारी देने से इनकार किया है.  बताया गया है कि आईटी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की वाट्सएप के अधिकारियों से दो बार मुलाकात हो चुकी है लेकिन तब वाट्सएप ने जासूसी की बात साझा नहीं की. 

 मंत्रालय ने वाट्सएप से कहा कि आप सिर्फ वे स्रोत बताएं जिनसे शरारती संदेश आते हैं. वाट्सएप को चार दिनों के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है. इस बीच वाट्सएप ने शुक्रवार को कहा कि उसने हैकिंग मामले में ठोस कदम उठाया है और वह सभी नागरिकों की निजता की सुरक्षा की जरूरत पर भारत सरकार का समर्थन करती है. 

WhatsApp पर कोई कर रहा है परेशान? तो इस Email-Id पर करें शिकायत, होगा तुंरत एक्शन

बता दें फेसबुक की स्वामित्व वाली कंपनी वाट्सएप के दुनिया भर में डेढ़ अरब से अधिक यूजर्स हैं. भारत में ही अकेले करीब 40 करोड़ यूजर हैं. भारत में मॉब लिचिंग के मामलों के बाद वाट्सएप पर सख़्ती की गई थी. वाट्सएप ने इसके बाद फ़ॉरवर्ड संदेशों की संख्या कम कर कर पांच कर दी थी.  भारत ने इस पर पहल की और बाद में अमेरिका, ब्रिटेन, ब्राज़ील और मैक्सिको ने इस बारे में जानकारी हासिल की और वाट्सएप पर सख़्ती की. (भाषा के इनपुट के साथ)

VIDEO: फोन टैपिंग और स्नूपिंग को लेकर क्या कहता है कानून?
  

 
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com