यह ख़बर 09 सितंबर, 2014 को प्रकाशित हुई थी

दिल्ली में सरकार : SC में सुनवाई टली, केजरीवाल का एलजी पर बीजेपी की बैटिंग का आरोप

नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में सरकार गठन की संभावनाएं तलाशने के लिए उप राज्यपाल द्वारा राष्ट्रपति को लिखे गए पत्र के जरिये शुरू की गई राजनीतिक प्रक्रिया के नतीजों पर केंद्र सरकार से 10 अक्तूबर तक जवाब मांगा है।

उधर, अरविंद केजरीवाल ने कोर्ट से बाहर आकर उप राज्यपाल पर बीजेपी के लिए बैटिंग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने उपराज्यपाल को नई चिट्ठी नहीं दी है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अदालत पर पूरा भरोसा है।

इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा, दिल्ली में गलत तरीके से सरकार बनाने की कोशिश हो रही है। मैं कल 9.30 बजे उपराज्यपाल से मिलूंगा और उन्हें सीडी सौंपूंगा।

उन्होंने उप-राज्यपाल पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह बीजेपी के लिए बैटिंग कर रहे हैं। संविधान का उल्लंघन हो रहा है, बीजेपी की कोशिशों को नाकाम करना होगा। हम पूरी दिल्ली में आंदोलन छेड़ेंगे।

वहीं केजरीवाल ने यह भी साफ किया कि हम सरकार बनाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। हम दिल्ली में चुनाव चाहते हैं और बीजेपी चुनाव से क्यों डर रही है।

केजरीवाल ने सवाल उठाया कि दिसंबर में उप राज्यपाल को बीजेपी ने लिखित में सरकार बनाने के लिए मना किया था।

वहीं दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने इस मामले पर कहा कि केजरीवाल दिल्ली की राजनीति के हरिशचंद्र हैं। हमारा रुख शुरू से ही साफ है कि हम चुनाव को तैयार हैं। हमने किसी से संपर्क नहीं किया है।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को न्यायाधीश एचएल दत्तू की अगुवाई वाली पांच न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ ने कहा कि कोर्ट मामले को इतने अधिक समय तक लंबित नहीं रहने दे सकता। पीठ ने केंद्र से कहा कि वह उप राज्यपाल के पत्र पर राष्ट्रपति द्वारा लिए गए फैसले के बारे में उसे सूचित करे।

पीठ ने केंद्र की ओर से हाजिर हुए अतिरिक्त सोलिसिटर जनरल (एएसजी) पीएस नरसिंहा से सवाल किया, महामहिम द्वारा कब तक इस संबंध में फैसला लिए जाने की उम्मीद है। मामले की सुनवाई शुरू होते ही एएसजी ने उप-राज्यपाल नजीब जंग द्वारा 4 सितंबर को दिल्ली में सरकार गठन की संभावनाओं को तलाशने के मकसद से राष्ट्रपति को लिखे गए पत्र का जिक्र किया।

राष्ट्रपति को लिखे पत्र में उपराज्यपाल ने सबसे बड़े राजनीतिक दल (भाजपा) को सरकार गठन के लिए आमंत्रित करने की अनुमति मांगी है। हालांकि इस दल के पास बहुमत नहीं है।

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आम आदमी पार्टी (आप) का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता फलीएस नरीमन और अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने दिल्ली में सरकार बनाने के लिए संख्या बल जुटाने के मकसद से भाजपा द्वारा कथित खरीद फरोख्त करने का मुद्दा उठाया।

पीठ ने हालांकि कहा कि वह इस मुद्दे पर आप द्वारा पेश किए गए अतिरिक्त हलफनामे को रिकॉर्ड में नहीं लेगी। पीठ ने साथ ही नरीमन से 10 अक्तूबर तक इंतजार करने को कहा।