कृषि सुधार से जुड़े विवादित विधेयकों पर केंद्र सरकार ने स्पष्टीकरण जारी किया, फायदे गिनाए

केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने कृषि सुधर से जुड़े इन विधेयकों को किसानों के जीवन में बदलाव लाने की दिशा में एक अहम कदम बताया

कृषि सुधार से जुड़े विवादित विधेयकों पर केंद्र सरकार ने स्पष्टीकरण जारी किया, फायदे गिनाए

प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली:

कृषि मंत्रालय (Agriculture Ministry) ने राज्यसभा (Rajya Sabha) में रविवार को होने वाली चर्चा से पहले कृषि सुधार से जुड़े विवादित विधेयकों पर एक स्पष्टीकरण जारी किया है. मंत्रालय ने कृषि सुधर से जुड़े इन विधेयकों को किसानों के जीवन में बदलाव लाने की दिशा में एक अहम कदम बताया है. मंत्रालय ने किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने, आय बढ़ाने एवं किसानों के जीवन स्तर में बदलाव के लिए इसे महत्वपूर्ण पहल बताया है.

मंत्रालय की तरफ से जारी एक नोट में कहा गया है इन तीन विधेयकों से किसानों को कई फायदे होंगे. न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पूर्व की तरह निर्धारित होता रहेगा. रबी फसलों की एमएसपी आगामी सप्ताह में घोषित हो जाएगी. एमएसपी पर खरीद जारी रहेगी. नए प्रावधानों में उपज बेचने के सिर्फ तीन दिनों में भुगतान की व्यवस्था निर्धारित की गई है. कृषि उत्पादों पर टैक्स का बोझ कम होने से किसानों को ज्यादा लाभ होगा. मंडियां समाप्त नहीं होंगी, वहां पूर्ववत व्यापार होता रहेगा. इस व्यवस्था में किसानों को मंडी के साथ ही अन्य स्थानों पर अपनी उपज बेचने का विकल्प प्राप्त होगा. इलेक्ट्रानिक प्लेटफार्मों पर कृषि उत्पादों का व्यापार बढ़ेगा. पारदर्शिता के साथ समय की बचत होगी. मंत्रालय ने नोट में तीनों विधेयकों के बारे में विस्तार से प्रमुख बिंदुओं का जिक्र किया है. 

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1. कृषि उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सरलीकरण) विधेयक 2020 के मुख्य प्रावधान

  • किसान एवं व्यापारी कृषि उपज मंडी के बाहर भी अन्य माध्यम से उत्पादों का सरलतापूर्वक व्यापार कर सकेंगे.
  • राज्य के भीतर एवं बाहर देश के किसी भी स्थान पर किसानों को अपनी उपज स्वतंत्र रूप से बेचने के लिए अवसर एवं व्यवस्थाएं. मंडियों के अतिरिक्त व्यापार क्षेत्र में फार्मगेट, कोल्डस्टोरेज, वेयर हाउस, प्रसंस्करण यूनिटों पर भी व्यापार की स्वतंत्रता.
  • किसानों से प्रोसेसर्स, निर्यातकों, संगठित रिटेलरों का सीधा संबंध, ताकि बिचौलिये दूर हों.

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2. कृषक (सशक्तिकरण व संरक्षण)  कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 के मुख्य प्रावधान

  • किसानों को व्यापारियों, कंपनियों, प्रसंस्करण इकाइयों, निर्यातकों से सीधे जोड़ना.
  • कृषि करार के माध्यम से बुवाई से पूर्व ही किसान को उपज के दाम निर्धारित करना. बुवाई से पूर्व किसान को मूल्य का आश्वासन.
  • किसान को अनुंबध में पूर्ण स्वतंत्रता रहेगी, वह अपनी इच्छा के अनुरूप दाम तय कर उपज बेचेगा.
  • देश में 10 हजार कृषक उत्पादक समूह निर्मित किए जा रहे हैं. ये एफपीओ छोटे किसानों को जोड़कर उनकी फसल को बाजार में उचित लाभ दिलाने की दिशा में कार्य करेंगे.

3.आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक -2020 के मुख्य प्रावधान

  • अनाज, दलहन, तिलहन, प्याज एवं आलू आदि को अत्यावश्यक वस्तु की सूची से हटाना.
  • अपवाद की स्थिति, जिसमें कि 50 प्रतिशत से ज्यादा मूल्य वृद्धि शामिल है, को छोड़कर इन उत्पादों के संग्रह की सीमा तय नहीं की जाएगी.
  • देश में कृषि उत्पादों के भंडारण एवं प्रसंस्करण की क्षमता में वृद्धि होगी. 
  • कोल्ड स्टोरेज एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में निजी निवेश बढ़ने से किसानों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर मिल पाएगा.
  • फसल खराब होने की आंशका से किसान दूर होगा। वह आलू-प्याज जैसी फसलें ज्यादा निश्चिंतता से उगा पाएगा.