त्योहारों के दौरान दी ढिलाई तो हर माह बढ़ सकते हैं 26 लाख कोरोना के मामले, सरकारी पैनल ने चेताया

Coronavirus India:केंद्र सरकार के एक विशेषज्ञ सरकारी पैनल ने दावा किया है कि भारत में महामारी का शीर्ष स्तर (पीक) गुजर चुका है. उसने रोज मिलने वाले मरीजों की संख्या में कमी का हवाला दिया है.

त्योहारों के दौरान दी ढिलाई तो हर माह बढ़ सकते हैं 26 लाख कोरोना के मामले, सरकारी पैनल ने चेताया

भारत में फरवरी 2021 तक कोरोना के कुल मरीज एक करोड़ के पार होंगे (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

Coronavirus India:केंद्र सरकार के एक विशेषज्ञ सरकारी पैनल ने चेतावनी दी है कि अगर त्योहारों (Festive Season) के दौरान ढिलाई बरती गई तो हर माह 26 लाख तक नए कोरोना मरीज सामने आ सकते हैं. पैनल ने दावा किया है कि भारत में महामारी का शीर्ष स्तर (पीक) गुजर चुका है. उसने रोज मिलने वाले मरीजों की संख्या में कमी का हवाला दिया है.

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पैनल ने चेतावनी दी है कि अभी देश की 30 फीसदी आबादी में ही कोरोना को लेकर प्रतिरोधी क्षमता (Immunity) पैदा हुई है, ऐसे में कोई भी लापरवाही से सर्दियों में त्योहारों के दौरान फिर से उछाल देखने को मिल सकता है. समिति का कहना है कि अगर सुरक्षा के मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए तो देश में फरवरी 2021 तक महामारी पर काबू पाया जा सकता है.

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पैनल ने कहा कि सर्दी की आहट और आगामी त्योहारों की सीजन संक्रमण के नए दौर का खतरा पैदा कर रहा है. ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही भारी पड़ सकती है. समिति ने सिफारिश की है कि कोविड-19 को लेकर जारी सुरक्षा प्रोटोकॉल और अन्य बंदिशें पहले की ही तरह लागू रहनी चाहिए. अगर संक्रमण काबू में रहा तो फरवरी 2021 तक कुल मामले करीब एक करोड़ पांच लाख होंगे. अभी यह संख्या 75 लाख के करीब है. 

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लॉकडाउन न होता तो 25 लाख लोग मारे जाते
पैनल ने कहा है कि अगर देश में मार्च 2020 में लॉकडाउन (Lockdown)  न लगाया जाता तो अगस्त तक देश में करीब25 लाख लोग महामारी से मारे जाते. अभी यह तादाद एक लाख 14 हजार के करीब है. समिति ने संक्रमण रोकने के लिए दोबारा देशव्यापी लॉकडाउन का समर्थन नहीं किया है. उसका कहना है कि किसी क्षेत्र विशेष में संक्रमण फैलने पर ऐसा किया जा सकता है.

केरल में ओणम के दौरान बढ़ा संक्रमण
कमेटी ने अंदेशा जताया कि त्योहारों के दौरान भारी भीड़ इलाकों में देखी जा सकती है. केरल (Kerala) में 22 अगस्त से दो सितंबर के ओणम (Onam) त्योहार के बाद संक्रमण में तेज इजाफा देखा गया है. संक्रमण की संभावना 32 फीसदी बढ़ी है. जबकि प्रभावी चिकित्सा मिलने की संभावना 22 फीसदी तक घटी है. अगले दो महीनों में दशहरा और दीपावली जैसे त्योहार पड़ रहे हैं.