MP: बागी विधायकों की सुरक्षा को लेकर स्पीकर के खत पर राज्यपाल का जवाब- यह कार्यपालिका का दायित्व, गलती से मुझे भेजा दिया पत्र

MP Political Crisis: इससे पहले, विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने मंगलवार शाम को राज्यपाल लालजी टंडन को खत लिखा था, जिसमें उन्होंने गुज़ारिश की थी कि वो 16 विधायकों की सुरक्षित वापसी के लिए कुछ ठोस कदम उठाएं.

MP: बागी विधायकों की सुरक्षा को लेकर स्पीकर के खत पर राज्यपाल का जवाब- यह कार्यपालिका का दायित्व, गलती से मुझे भेजा दिया पत्र

खास बातें

  • बागी विधायकों की सुरक्षा को लेकर स्पीकर का पत्र
  • अब राज्यपाल लालजी टंडन ने दिया जवाब
  • बोले- मैं आपकी चिंता समझ सकता हूं
भोपाल:

मध्य प्रदेश में सियासी रस्साकशी (MP Political Crisis) के बीच राज्यपाल लालजी टंडन ने विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति को पत्र भेजा है. उन्होंने स्पीकर के 17 तारीख को भेजे गए पत्र पर कहा, "मैं माननीय सदस्यों की अनुपस्थिति के कारण उनकी सुरक्षा में आपकी चिंता की मैं प्रशंसा करता हूं. विधायकों की चिंता के संबंध में विगत 8-10 दिनों से आप जिस पीड़ा से गुजर रहें होंगे, उसका भी मुझे अंदाजा हो रहा है. हालांकि, इन दिनों में इस संबंध में सदस्यों की जानकारी प्राप्त करने के बाबत आपके द्वारा किए गए प्रयासों का उल्लेख पत्र में नहीं है. फिर भी मानता हूं कि निश्चित रूप से आपने समुचित प्रयास किए होंगे.  

राज्यपाल ने आगे अपने पत्र में कहा कि आपने अपने पत्र में अंतिम पैराग्राफ में विधायकों की सुरक्षा की मांग की है. प्रदेश के सभी नागरिकों की सुरक्षा का दायित्व कार्यपालिका का है और आप उससे ही सुरक्षा चाहते होंगे किंतु त्रुटिवश यह पत्र मुझे प्रेषित हुआ प्रतीत होता है. मुझे बहुत खुशी होगी कि मैं किसी भी रूप में आपकी वर्तमान चिंता और कष्ट का समाधान कर सकूं. 

इससे पहले, विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने मंगलवार शाम को राज्यपाल लालजी टंडन को खत लिखा था, जिसमें उन्होंने गुज़ारिश की थी कि वो 16 विधायकों की सुरक्षित वापसी के लिए कुछ ठोस कदम उठाएं. अपने पत्र में उन्होंने लिखा, "16 माननीय सदस्यों के त्यागपत्र अन्य लोगों के माध्यम से मुझे प्राप्त हुए. मध्यप्रदेश विधानसभा की प्रक्रिया और कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम 276-1(ख) के अंतर्गत इन्हें समक्ष में उपस्थित होने के निर्देश दिये गये किन्तु एक भी सदस्य उपस्थित नहीं हुआ, परिणामत इनके त्यागपत्र का प्रकरण मेरे समक्ष विचाराधीन है. दिनांक 16-3-2020 को आहूत विधानसभा के सत्र में भी उक्त माननीय सदस्य अनुपस्थित रहे. इन विधायकों में से कुछ के परिजनों ने संबंधित विधायकों की सुरक्षा और सुरक्षा के बारे में चिंता व्यक्त की है, विधानसभा का पीठासीन प्रमुख होने के नाते मैं अपने इन सदस्यों के लापता होने को लेकर बेहद चिंतित हूं.

 
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