यह ख़बर 19 मार्च, 2014 को प्रकाशित हुई थी

किसान आत्महत्या न करें : पृथ्वीराज चव्हाण

किसान आत्महत्या न करें : पृथ्वीराज चव्हाण

मुंबई:

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने किसानों की आत्महत्या के नए मामलों को देखते हुए बुधवार को किसानों से आग्रह किया कि उन्हें खुदकुशी नहीं करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने एक बयान जारी कर कहा कि सरकार बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को हुए नुकसान से परिचित है। इस प्राकृतिक आपदा ने राज्य के 35 में से 28 जिलों को प्रभावित किया है।

चव्हाण ने कहा, मैं अपने किसान भाइयों को भरोसा दिलाता हूं कि मैं आपके साथ मजबूती से खड़ा हूं। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप भावना में न बहें, न ही निराश हों। हम आपकी मदद के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि चुनावी आचार संहिता लागू हो जाने की वजह से सरकार मानक निर्देशों के अनुसार सहायता व राहत की कोशिशों में लगी हुई है।

चव्हाण ने यह भी कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अन्य केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर किसानों की मदद के लिए 5,000 करोड़ रुपये की मांग की है।

उन्होंने कहा, मैंने निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से भी मुलाकात की है और राज्य में हुई तबाही की जानकारी दी है। प्रधानमंत्री ने केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार की अध्यक्षता में सुशील कुमार शिंदे, पी चिदंबरम, जयराम रमेश और एमएस आहलुवालिया की एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है, जबकि केंद्रीय टीम ने नुकसान के मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी कर ली है।

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चव्हाण का बयान विदर्भ के किसानों द्वारा 10 अप्रैल को होने वाले चुनाव के दौरान नन ऑफ द एबव (नोटा) विकल्प का इस्तेमाल किए जाने की धमकी देने के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विदर्भ के किसानों की योजना भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी से संसद एवं विधानसभा में 10 फीसदी प्रतिनिधित्व की मांग करने की है, जो गुरुवार को वर्धा से चुनाव प्रचार की शुरुआत करेंगे।