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अभूतपूर्व इस्राइल यात्रा से बहुत आशा, दोनों देशों और लोगों को करीब लाएगी : पीएम नरेंद्र मोदी

पीएम मोदी की इस्राइल यात्रा मंगलवार से, दोनों देशों की आतंकवाद जैसी समान चुनौतियों पर होगी चर्चा

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अभूतपूर्व इस्राइल यात्रा से बहुत आशा, दोनों देशों और लोगों को करीब लाएगी : पीएम नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को तीन दिवसीय यात्रा पर इस्राइल जाएंगे. किसी भारतीय पीएम की यह पहली इस्राइल यात्रा है.

खास बातें

  1. आपसी लाभ के लिए नेतन्याहू से गहराई से विचार-विमर्श करेंगे
  2. मोदी ने कहा- इस्राइली समाज के लोगों से मिलने का मौका मिलेगा
  3. जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए छह जुलाई को हैमबर्ग जाएंगे मोदी
नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी मंगलवार को इस्राइल की तीन दिन की यात्रा पर जा रहे हैं. इस यात्रा से पूर्व सोमवार की शाम को पीएम मोदी ने कहा कि वे इस्राइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से आतंकवाद जैसी समान चुनौतियों और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करेंगे.

पीएम मोदी देश के ऐसे पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं जो कि इस्राइल की यात्रा करने वाले हैं. पीएम मोदी इस यहूदी राष्ट्र की तीन दिन की के बाद जी-20 सम्मेलन में भाग लेने के लिए जर्मनी के हैमबर्ग जाएंगे.

मोदी इस्राइल में राष्ट्रपति रियुवेन रूवी रिवलिन से मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के विभिन्न कंपनियों के सीईओ तथा भारतवंशी समुदाय के लोगों से भी मिलेंगे. वे याद वाशेम स्मारक संग्रहालय भी जाएंगे और यहूदियों के सबसे बड़े नरसंहार (होलोकास्ट) में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देंगे. भारतीय प्रधानमंत्री 1918 में हैफा की आजादी के दौरान जान गंवाने वाले साहसी भारतीय सैनिकों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे.

पीएम नरेंद्र मोदी ने यहां एक बयान में कहा, ''कल मैं इस्राइल की ऐतिहासिक यात्रा शुरू कर रहा हूं जो भारत का बहुत विशेष साझेदार देश है. ऐसा करने वाला पहला भारतीय प्रधानमंत्री होने के नाते मैं इस अभूतपूर्व यात्रा को बहुत आशा से देख रहा हूं जो हमारे दोनों देशों और लोगों को करीब लाएगी. '' मोदी ने ट्वीट किया, '' मैं, मेरे दोस्त (इस्राइली पीएम नेतन्याहू) के साथ गहन बातचीत को लेकर आशान्वित हूं जो गतिमान भारत-इस्राइल संबंधों के लिए प्रतिबद्धता साझा करते हैं.'' प्रधानमंत्री ने कहा कि वह नेतन्याहू के साथ हमारी साझेदारी के समग्र आयाम पर और आपसी लाभ के लिए विविध क्षेत्रों में इसे मजबूत करने पर गहराई से विचार-विमर्श करेंगे.

मोदी ने कहा, ''हमारे पास आतंकवाद जैसी बड़ी समान चुनौतियों पर चर्चा करने का अवसर भी होगा.'' इस वर्ष भारत और इस्राइल अपने कूटनीतिक संबंधों के 25 वर्ष पूरे कर रहे हैं.

मोदी ने कहा, ''इस यात्रा के दौरान मेरा कार्यक्रम मुझे इस्राइली समाज के लोगों के साथ मिलने का अवसर प्रदान करेगा. मैं विशेष रूप से इस्राइल में रहने वाले व्यापक भारतवंशी समुदाय के साथ बातचीत करने को लेकर आशान्वित हूं जो हमारे दोनों देशों की जनता के बीच दीर्घकालिक संपर्कों का प्रतिनिधित्व करता है.'' आर्थिक मोर्चे पर उन्होंने कहा, ''मैं शीर्षस्थ भारतीय और इस्राइली सीईओ और स्टार्ट-अप के साथ व्यापार का विस्तार करने और जमीनी निवेश सहयोग बढ़ाने की साझा प्राथमिकता पर चर्चा करूंगा.'' उन्होंने कहा, ''मुझे मौके पर जाकर यात्रा करके प्रौद्योगिकी और नवोन्मेषिता में इस्राइल की उपलब्धियों को समझने की आशा है.''

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प्रधानमंत्री छह जुलाई को हैमबर्ग जाएंगे जहां वह जर्मनी की मेजबानी में सात-आठ जुलाई को आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे. इस साल सम्मेलन की थीम 'शेपिंग ऐन इनर-कनेक्टिड वर्ल्ड' है.

पीएम मोदी ने कहा, ''मैं जी-20 के अन्य सदस्य देशों के नेताओं के साथ ऐसे महत्वपूर्ण विषयों पर बातचीत करने को लेकर आशान्वित हूं जो आज हमारी दुनिया को प्रभावित कर रहे हैं और जिनका आर्थिक विकास, टिकाऊ विकास और शांति तथा स्थिरता पर प्रभाव होता है.'' मोदी ने कहा, ''हम पिछले साल हुए हांगझोउ सम्मेलन में हुए फैसलों पर प्रगति की समीक्षा करेंगे और आतंकवाद, टिकाऊ विकास, प्रगति और व्यापार, डिजिटलीकरण, स्वास्थ्य, रोजगार, विस्थापन, महिला सशक्तिकरण और अफ्रीका के साथ साझेदारी के मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे.'' उन्होंने कहा कि पहले के अवसरों की तरह वह सम्मेलन से इतर नेताओं से मुलाकात के अवसरों को लेकर आशान्वित हैं जिनमें आपसी हित के द्विपक्षीय मामलों पर विचारों का आदान-प्रदान होगा.
(इनपुट एजेंसियों से)


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