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TV, सिनेमा टिकट, कैमरे, मॉनिटर और पावर बैंक हुए सस्ते, कई सामनों पर घटी GST तो कई दायरे से बाहर, देखें पूरी लिस्ट

परिषद ने जीएसटी की 28 फीसदी की सबसे ज्यादा दर के दायरे में आने वाली वस्तुओं में से सात को कम दर वाले स्लैब में डाल दिया है.

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नई दिल्ली:

नए साल पर लोगों को तोहफा देते हुए माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने शनिवार को सिनेमा टिकट, टीवी और मॉनिटर स्क्रीन, संगमरमर के दाने और पावर बैंक सहित 23 प्रकार की वस्तुओं पर जीएसटी दर में कमी का फैसला किया. वित्त मंत्री अरूण जेटली की अध्यक्षता में परिषद की 31वीं बैठक में लिए गए ये फैसले पहली जनवरी, 2019 से लागू होंगे. परिषद ने फ्रोजन और रसायनों से संरक्षित सब्जियों को जीएसटी से मुक्त कर दिया है. सीमेंट पर भी कर में कटौती की उम्मीद की जा रही थी. 

परिषद ने जीएसटी की 28 फीसदी की सबसे ज्यादा दर के दायरे में आने वाली वस्तुओं में से सात को कम दर वाले स्लैब में डाल दिया है. इसके साथ ही 28 फीसदी के स्लैब में अब केवल 28 वस्तुएं बची हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि सीमेंट पर जीएसटी को कम किए जाने से राजकोष पर सालाना 13,000 करोड़ रुपए का प्रभाव पड़ता. 


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यहां पढ़ें क्या हुआ है सस्ता...

- टीवी एवं मॉनिटर स्क्रीन (32 इंच तक के), पुली, ट्रांसमिशन सॉफ्ट और क्रैंक, गियर बॉक्स, पुराने एवं रिट्रीडेड रिपीट रिट्रीडेड टायर, लिथियम आयन की बैटरियों वाले पावर बैंक, डिजिटल कैमरे, वीडियो कैमरा रिकॉर्डर और वीडियो गेम में इस्तेमाल में आने वाले उपकरणों पर जीएसटी की दर को 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी पर लाया गया है.
- 28 फीसदी वाले स्लैब में वाहनों के कल-पुर्जे, एसी और डिशवॉशर, सीमेंट के अलावा केवल विलासिता के सामान और अहितकर वस्तुएं हैं. 
- सिनेमा के 100 रुपए तक के टिकटों पर अब 18 प्रतिशत की बजाय 12 प्रतिशत की दर से और 100 रुपए से ऊपर के टिकट पर 28 फीसदी की बजाय 18 फीसदी जीएसटी लगेगा.
- दिव्यांगों के वाहनों के कल-पुर्जों पर जीएसटी को 28 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया है. 
- माल ढुलाई के लिए इस्तेमाल में लाये जाने वाले वाहनों के थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के प्रीमियम को घटाकर 18 प्रतिशत से 12 फीसदी कर दिया गया है. 
- संगमरमर के दाने, प्राकृतिक कॉर्क, हाथ की छड़ी और फ्लाई एश से बने ब्लॉक को पांच प्रतिशत के कर के दायरे में रखा गया है. 
- संगीत की किताबों, सब्जियों (कच्ची या उबाली या भांप में पकायी गयीं), फ्रोजन, ब्रांडेड और डिब्बाबंद एवं सब्जियां (रासायनों के जरिए संरक्षित लेकिन सीधे खाने के लिए अनुपयुक्त) को जीएसटी के दायरे से बाहरे कर दिया गया है.
- जनधन योजना के तहत बैंकों द्वारा दी जाने वाली सेवाओं को भी जीएसटी से मुक्त कर दिया गया है. 
- विदेशी तीर्थस्थलों के लिए द्विपक्षीय व्यवस्था के तहत परिचालित गैर-अधिसूचित/ चार्टर उड़ानों की सेवा पर पांच प्रतिशत की रियायती दर से कर लगेगा. 
- अक्षय ऊर्जा संयंत्रों एवं उनमें लगने वाले सामानों पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया जाएगा.

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कितना पड़ेगा राजस्व पर असर?
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि विभिन्न प्रकार की वस्तुओं एवं सेवाओं पर जीएसटी दरें कम करने से सालाना राजस्व में 5,500 करोड़ रुपये का असर पड़ेगा. मॉनिटर, टीवी और पावर बैंक पर जीएसटी की दरों में कमी से राजस्व पर सालाना 1,500 करोड़ रुपये का असर पड़ेगा. सिनेमा की टिकट सस्ती करने पर इससे राजकोष पर सालाना आधार पर 900 करोड़ रुपए का असर पड़ेगा.

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(इनपुट- भाषा)

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