हिरासत में मौत के मामले में भट्ट के खिलाफ आरोप तय

खास बातें

  • गुजरात के निलंबित आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट के खिलाफ गुरुवार को एक स्थानीय अदालत ने हत्या और अन्य अपराधों के लिए आरोप तय किए।
जामनगर:

गुजरात के निलंबित आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट के खिलाफ गुरुवार को एक स्थानीय अदालत ने हत्या और अन्य अपराधों के लिए आरोप तय किए।

हिरासत में प्रताड़ना और मौत के 22 साल पुराने एक मामले में भट्ट के अलावा छह और आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी आरोप तय किए गए हैं।

जामखम्बालिया सत्र न्यायाधीश एनटी सोलंकी ने आरोपी पुलिस कर्मियों के आवेदन खारिज करने के बाद आज आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी की और सबूत दर्ज करने के लिए 4 दिसंबर की तारीख नियत की।

नरेंद्र मोदी सरकार के साथ टकराव की वजह से सुखिर्यों में आए भट्ट ने मुख्यमंत्री पर 2002 में गोधरा ट्रेन नरसंहार के बाद हुए दंगों में संलिप्तता का आरोप लगाया था।

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भट्ट के साथ जिन छह अन्य पुलिस कर्मियों पर आरोप तय किए गए हैं वह दीपक भगवानदास शाह, केशुभाई जडेजा, शैलेश पंड्या, प्रवीणसिंह जोरूभा झाला, प्रवीणसिंह बाबूभाई झाला और अनूप सिंह जेठवा हैं।

यह मामला प्रभुदास वैष्नानी नामक व्यक्ति की मौत से संबंधित है। वैष्नानी जाम्खम्बालिया पुलिस थाने में हिरासत में था और कथित तौर पर चोटों की वजह से उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने 30 अक्तूबर 1990 की रात उसे कथित तौर पर प्रताड़ित किया था।