गुजरात भी दे सकता है दही हांडी को साहसिक खेलों का दर्जा

गुजरात भी दे सकता है दही हांडी को साहसिक खेलों का दर्जा

दही हांडी उत्सव (फाइल फोटो)

खास बातें

  • पड़ोस के महाराष्ट्र के नक्शे कदम पर चली गुजरात सरकार
  • महाराष्ट्र की तर्ज पर होगा विनियमन
  • 12 साल से कम उम्र वाले गोविंदा नहीं ले पाएंगे भाग
बड़ोदरा:

पड़ोस के महाराष्ट्र के नक्शे कदम पर चलते हुए गुजरात सरकार जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में पारंपरिक दही हांडी स्तर के साहसिक खेलों के आयोजन के प्रस्ताव पर विचार कर रही है.

गुजरात खेल, युवा और संस्कृति मामलों के मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी ने बताया कि चूंकि दही हांडी पूरे उत्साह के साथ अहमदाबाद, सूरत और सौराष्ट्र के शहरों सहित सभी बड़े शहरों में मनाया जाता है इसलिए राज्य इसे पर्वतारोहण, पहाड़ों पर चढ़ने जैसे साहसिक खेलों की तरह घोषित करने पर गंभीरता से विचार कर रही है.

उन्होंने आगे बताया कि यह त्यौहार महाराष्ट्र की तर्ज पर विनियमित होगा जहां सरकार गोविंदा की मानव पिरामिड बनाने को दर्जा देती है. मंत्री ने कहा कि 12 साल से कम उम्र वाले इसमें हिस्सेदारी नहीं कर पाएंगे. गुजरात सरकार के इस पर विचार करने के साथ ही त्रिवेदी ने कहा कि खेल को केवल जन्माष्टमी तक ही सीमित नहीं किया जाएगा बल्कि राज्य स्तरीय शासन निकाय के तहत साल भर इसे मनाना होगा.

भाजपा विधायक आशीष शेलार की अध्यक्षता वाली एक कमेटी द्वारा इन गतिविधियों में एकता, टीम और अनुशानसन भावना चिह्नित करने के बाद पिछले साल अगस्त में महाराष्ट्र सरकार ने इसे मान्यता देने का फैसला किया था.

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