बचे हुए कपड़े इकट्ठा कर मास्क बनाता है यह शख्स, 4 महीने में मुफ्त बांटे 6 हजार मास्क

गुजरात में रहने वाला हनुमान नाम का यह शख्स अपनी पत्नी के साथ मिलकर शहर में सिलाई की दुकानों से बचे हुए कपड़े इकट्ठा करता है और उनसे मास्क बनाता है. ये मास्क उन लोगों को दिए जाते हैं, जिनके पास मास्क खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं.

बचे हुए कपड़े इकट्ठा कर मास्क बनाता है यह शख्स, 4 महीने में मुफ्त बांटे 6 हजार मास्क

बचे हुए कपड़े इकट्ठा कर मास्क बनाता है यह शख्स, 4 महीने में मुफ्त बांटे 6 हजार मास्क

गुजरात:

कोरोनाकाल में लोग रोज़ीरोटी के लिए मोहताज हो गए हैं. लॉकडाउन के दौरान बहुत से लोगों का कामकाज ठप हो गया.  बहुत से लोगों की नौकरी चली गी, तो काफी लोग बेरोजगार होकर घर बैठ गए हैं. ऐसे में लोगों को परिवार का खर्चा चलाने और छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में गुजरात का एक शख्स ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर लोगों की मदद करने का एक नया तरीका निकाला है. जबसे कोरोनावायरस महामारी फैली है, तबसे सभी के लिए मास्क लगाना जरूरी हो गया. लेकिन, कुछ लोग तो ऐसे भी हैं, जो पैसों की तंगी की वजह से मास्क भी नहीं खरीद सकते. ऐसे में गुजरात के हनुमान नाम के एक शख्स ने लोगों को मुफ्त में मास्क बांटने का काम शुरु कर दिया है.

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गुजरात में रहने वाला हनुमान नाम का यह शख्स अपनी पत्नी के साथ मिलकर शहर में सिलाई की दुकानों से बचे हुए कपड़े इकट्ठा करता है और उनसे मास्क बनाता है. ये मास्क उन लोगों को दिए जाते हैं, जिनके पास मास्क खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं. हनुमान कहते हैं, "मैं शहर में सिलाई की दुकानों से बचे हुए कपड़े इकट्ठा करता हूं, उनका उपयोग फेस मास्क बनाने के लिए करता हूं और इसे उन लोगों को देता हूं जो इसे खरीद नहीं सकते।" हनुमान ने बताया, कि पिछले चार महीनों में  मैंने अपनी पत्नी के साथ शहर में लगभग 6,000 फेस मास्क बांटे हैं.