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गुरमीत राम रहीम इन दो मामलों में है हत्या का आरोपी, जानें कौन हुए थे शिकार..

50-वर्षीय गुरमीत फिलहाल रोहतक जेल में बंद है और इस मामले की सुनवाई के लिए वह सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश हो रहा है.

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गुरमीत राम रहीम इन दो मामलों में है हत्या का आरोपी, जानें कौन हुए थे शिकार..

गुरमीत राम रहीम इन दो मामलों में है हत्या का आरोपी, जानें कौन हुए थे शिकार.. फाइल फोटो

खास बातें

  1. पत्रकार रामचंद्र, डेरा मैनेजमेंट कमेटी मेंबर रणजीत सिंह की हत्या का आरोपी
  2. दोषी साबित हुआ तो उम्रकैद या फांसी की सजा
  3. 50-वर्षीय गुरमीत फिलहाल रोहतक जेल में बंद है
नई दिल्ली: गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ हत्या के दो मामलों में शनिवार यानी आज होने वाली सुनवाई के मद्देनजर सुरक्षा एकदम सख्त कर दी गई. पंचकूला में अर्द्धसैनिक बलों और हरियाणा पुलिस की टुकड़ियों को तैनात किया गया है ताकि किसी भी गड़बड़ी से निपटा जा सके. हत्या के लिए उम्रकैद या मृत्युदंड का प्रावधान है. 50-वर्षीय गुरमीत फिलहाल रोहतक जेल में बंद है और इस मामले की सुनवाई के लिए वह सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश होने की बात कही गई थी.

आइए जानें कौन से हैं ये दो मामले जिनके लिए अभी फैसला आना बाकी है...

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पत्रकार रामचंद्र हत्या मामला :

पहला मामला सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या से जुड़ा है. छत्रपति अपने न्यूज पेपर "पूरा सच" में डेरा सच्चा सौदा के खिलाफ खबरें देते थे. डेरा में साध्वियों के यौन शोषण का खुलासा सबसे पहले इसी न्यूज पेपर ने किया था.

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आरोप है राम रहीम के खिलाफ खबरें छापने की वजह से डेरा के दो शूटर ने 24 अक्टूबर 2002 को रामचंद्र छत्रपति को 5 गोलियां मारी थीं. एक आरोपी मौके पर ही पकड़ा गया. दूसरे को बाद में अरेस्ट किया गया. 21 नवंबर 2002 को छत्रपति की हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी.  बाद में इस केस की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी. इस मामले में मुख्य आरोपी राम रहीम भी है. 

रणजीत सिंह हत्या मामला : 

यह मामला भी साध्वियों के यौन शोषण से जुड़ा है. रणजीत सिंह डेरा की मैनेजमेंट कमेटी का मेंबर था. कहा जाता है कि वह राम रहीम का करीबी होने की वजह से उसकी सारी एक्टिविटी से वाकिफ था. रणजीत सिंह की हत्या 10 जुलाई 2002 को कर दी गयी थी. राम रहीम इस केस में भी मुख्य आरोपी है. 

VIDEO: राम रहीम प्रकरण के बाद पटरी पर लौट रहा सिरसा

वैसे आज सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम हैं. हरियाणा के पुलिस महानिदेशक बीएस संधू ने बताया, ‘मामलों में सुनवाई से पहले हमने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं.’ उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पंचकूला में अर्द्धसैनिक बलों और हरियाणा पुलिस की टुकड़ी को तैनात किया गया है.


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