सरकारी संस्थाओं की स्थिति पर पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने जताई चिंता, कहा- देश में खतरनाक प्रक्रिया चल रही है

पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने मंगलवार को कहा कि भारत में एक ‘‘बहुत खतरनाक’’ प्रक्रिया चल रही है और देश की संस्थाएं ‘‘बड़े खतरे’’ में हैं.

सरकारी संस्थाओं की स्थिति पर पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने जताई चिंता, कहा- देश में खतरनाक प्रक्रिया चल रही है

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने मंगलवार को कहा कि भारत में एक ‘‘बहुत खतरनाक'' प्रक्रिया चल रही है और देश की संस्थाएं ‘‘बड़े खतरे'' में हैं तथा जिन सिद्धांतों पर संविधान की प्रस्तावना तैयार की गई उसकी अवहेलना की जा रही है. अंसारी ने कहा कि लोग ‘‘मुश्किल समय'' में जी रहे हैं और प्रतिक्रिया करना जरूरी है क्योंकि यदि यह जारी रहा तो ‘‘बहुत देर हो जाएगी.'' उन्होंने कहा, ‘‘हम बहुत मुश्किल समय में जी रहे हैं. मुझे इसके विस्तार में जाने की जरूरत नहीं है लेकिन सच्चाई यह है कि भारत के गणतंत्र की संस्थाएं बहुत खतरे में हैं.''उन्होंने कहा कि जिन सिद्धांतों पर संविधान की प्रस्तावना तैयार की गई उसकी अवहेलना की जा रही है. 

उन्होंने कहा, ‘‘इस प्रक्रिया में काफी कुतर्क शामिल है इसलिए अधिकतर नागरिकों द्वारा इसे समझ पाना आसान नहीं है। हालांकि सच्चाई यह है कि बहुत खतरनाक प्रक्रिया चल रही है। यह हमारे लिए, देश के नागरिकों के लिए खतरनाक है.''उन्होंने यह टिप्पणी भालचंद्र मुंगेकर की पुस्तक ‘माई एनकाउंटर्स इन पार्लियामेंट' के विमोचन के मौके पर कही.इस मौके पर राकांपा प्रमुख शरद पवार, भाकपा महासचिव डी राजा  माकपा महासचिव सीताराम येचुरी भी उपस्थित थे. 

अंसारी ने कहा कि विदेश में देश के मित्र देश स्थिति को खतरे की स्थिति के तौर पर देख रहे हैं जबकि देश के दुश्मन खुश हैं.'' उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए कुछ ऐसा है जिस पर गौर किया जाना चाहिए, मैं डा. मुंगेकर के शब्दों को जगाने वाला और यह याद दिलाने वाला मानता हूं कि हमें भ्रमित किया जा रहा है और यदि हम इस प्रक्रिया को जारी रहने देंगे तो जगने में बहुत देर हो जाएगी. 

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