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पूर्व उपराष्ट्रपति का बयान गैरजिम्मेदाराना, मुसलमानों में डर का माहौल नहीं: रिजवी

पूर्व राष्ट्रपति हामिद अंसारी के मुसलमानों की सुरक्षा को लेकर दिए बयान पर दूसरे दिन भी प्रतिक्रियाओं का दौर रहा.

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पूर्व उपराष्ट्रपति का बयान गैरजिम्मेदाराना, मुसलमानों में डर का माहौल नहीं: रिजवी

हामिद अंसारी ने उपराष्ट्रपति के तौर पर अपने अंतिम इंटरव्यू में मुसलमानों में असुरक्षा की भावना होना बताया था (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: पूर्व राष्ट्रपति हामिद अंसारी के मुसलमानों की सुरक्षा को लेकर दिए बयान पर दूसरे दिन भी प्रतिक्रियों का दौर रहा. कोई उनके बयान के सही ठहरा रहा है तो कोई गलत. राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सैयद गैयूरुल हसन रिजवी ने पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी के मुसलमानों के असुरक्षित महसूस करने संबंधी हालिया बयान को गैरजिम्मेदाराना करार देते हुए कहा कि देश के मुसलमानों में असुरक्षा और डर का कोई माहौल नहीं है. 

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रिजवी ने कहा, ‘अंसारी साहब को इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए था. इतने बड़े व्यक्ति के बयान से ऐसा संदेश जाएगा कि मुसलमान डरे हुए हैं, जबकि ऐसा नहीं है. मैं तो यह कहूंगा कि उनका बयान गैरजिम्मेदाराना है.’

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गौरतलब है कि कार्यकाल पूरा होने से ठीक पहले अंसारी ने एक साक्षात्कार में कहा था कि देश के मुसलमानों में असुरक्षा और असहजता का भाव है. रिजवी ने कहा कोई कैसे कह सकता है कि मुसलमानों में डर है. आप देखिए कि सरकार की विशिष्ठ सेवाओं में इतनी बड़ी संख्या में मुस्लिम बच्चों का चयन हो रहा है. फिर कैसा डर?

VIDEO: देश में अल्पसंख्यकों में असहजता की भावना है- हामिद अंसारी उन्होंने कहा, देश में सभी समुदायों के लोग मिलजुलकर रहते आए हैं और आगे भी ऐसा ही रहेगा. देश के मुसलमानों ने देश की तरक्की और खुशहाली में हमेशा योगदान दिया है और आगे भी देते रहेंगे.


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